देश भर में तेजाब से हमले की घटनाओं पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा सख्त रवैया अपनाने के बाद अब हरियाणा की खाप पंचायतें भी इस मामले में आगे आई हैं।
अमर उजाला से बातचीत में खाप पंचायतों ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए वे जल्द ही महापंचायत कर कड़ा निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल 2013 को सर्वोच्च न्यायालय ने तेजाब की बिक्री नियंत्रित करने की संभावना तलाशने बारे केंद्र व राज्य सरकारों को आदेश दिए थे लेकिन उन पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इस बारे में सरकारों को स्पष्ट करना चाहिए। खाप चौधरियों ने कहा कि अगर इस तरह से सर्वोच्च न्यायालयों के आदेशों की अवहेलना सरकारें करने लगीं तो फिर ऐसी कौन सी व्यवस्था होगी जो सरकार को कुछ करने के लिए बाध्य कर सकेंगी।
खापों की सोच, सामाजिक बुराइयां खत्म करने की : सूबे सिंह
बिनैण खाप के प्रवक्ता सूबे सिंह सैमाण ने कहा कि खापों की सोच हमेशा से सामाजिक बुराइयों को खत्म करने की रही है। चाहे कन्या भ्रूण हत्या हो या फिर अन्य कोई सामाजिक मुद्दा, पंचायतें अपनी भूमिका निभाती आई हैं।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी कुछ दिनों में लड़कियों पर तेजाब डालने की कुछ घटनाएं हुई है। सूबे सिंह ने कहा कि जल्द ही खापों की बैठक होगी जिसमें लड़कियों पर तेजाब डालने की घटनाओं पर चर्चा होगी।
खाप पंचायतें इन घटनाओं को कैसे रोक सकती हैं, इस बारे में चौधरियों की राय जानी जाएगी। सूबे सिंह ने कहा कि तेजाब डालने की घटनाएं हालांकि ग्रामीण इलाकों में नहीं होती हैं। फिर भी एहतियातन खापें इसे गंभीरता से ले रही हैं।
तेजाब की बिक्री पर नियंत्रण हो : नफे सिंह
बिनैन खाप के अध्यक्ष चौधरी नफेसिंह नैन ने कहा कि जींद जिले में जब भी सामाजिक मुद्दों को लेकर खापों की महापंचायत होगी, उसमें मुख्य मुद्दे के तौर पर तेजाब हमलों को शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तेजाब की बिक्री नियंत्रित होने से इन घटनाओं में कमी की उम्मीद की जा सकती है।
यह खतरनाक संकेत : ढांडा
बराह बाहरा तपा के प्रधान कुलदीप सिंह ढांडा ने कहा कि लड़कियों पर तेजाब डालने की घटनाएं खतरनाक संकेत है। खापें इसे लेकर काफी गंभीर हैं। जब भी खापों की महापंचायत होगी, उसमें तेजाब घटनाओं पर चिंतन किया जाएगा। खापें इस प्रकार की घटनाओं को कैसे रोक सकती हैं, इस बारे में कोई निर्णय करेंगी