- 11 देशों की युवतियों सहित 22 संगीतकारों की धुनों पर झूमे सेवानिवृत्त फौजी
- करनाल के इंद्री रोड स्थित कर्नल लेक व्यू फार्म पर दी शानदार प्रस्तुति
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। विश्व के 11 देशों के युवा संगीतकार अपने-अपने मुल्कों की सांस्कृतिक विरासत का प्रचार-प्रसार करने निकले हैं। 11 युवतियों सहित 22 सदस्यीय टीम ने एक-दूसरे की संस्कृति को समझकर जब एक ही मंच पर समेटा तो विश्व के सबसे बड़े म्यूजिक प्रीफिक्ट संगठनों में जुनिसस म्यूजिकल इंटरनेशनल के नाम से शुमार हो गया। 40 देशों में अपने संगीत का जादू बिखरने के बाद भारत पहुंचे संगीतकारों के इस ग्रुप ने रात को करनाल के इंद्री रोड स्थित कर्नल लेक व्यू फार्म पर इथनो इंडिया 2023 कार्यक्रम में प्रस्तुति दी, तो यहां मौजूद भारतीय सेना के सेवानिवृत्त अधिकारी और उनके परिजन थिरकने को विवश हो गए। इस ग्रुप का मुख्य कार्यक्रम दिल्ली में है।
ये विश्वस्तरीय संगीतकारों के जुनिसस म्यूजिकल इंटरनेशनल ग्रुप में भारत सहित अल्जी़रिया, बेल्जियम, डेनमार्क, एस्टोनिया, फ्रांस, जर्मनी, लैटबिया, युगांडा, मोजांबिक एवं संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के युवा संगीतकार शामिल हैं, जिनकी आयु 18 से 30 वर्ष तक है। ये 33 सालों से अलग-अलग देशों में इथनो का आयोजन कर रहे हैं। इनका उद्देश्य अपने मुल्क की सांस्कृतिक विरासत, लोक संस्कृति को दुनियाभर तक पहुंचाना है।
शनिवार की शाम इंद्री रोड स्थित कर्नल (रि.) परमजीत सिंह शहीद का कर्नल लेक व्यू फार्म पर इनकी शानदार प्रस्तुति का गवाह बना। सात एकड़ में फैले लेक में मध्यम रोशनी में फव्वारों की रंगबिरंगी छटा के बीच इथनो इंडिया 2023 का सात दिवसीय विशेष शिविर की अंतिम प्रस्तुति दी गई। देश-विदेशों के संगीतकारों ने जय हिंद और नमस्ते कहकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद संगीतकारों ने अपने-अपने देश की पारंपरिक संस्कृति, संगीतमय गीतों पर नृत्य करते हुए प्रस्तुति दी तो यहां मौजूद सेवानिवृत्त सैन्य अफसर भी खुद को रोक नहीं सके और कलाकारों के साथ थिरकने को विवश हो गए।
इनमें इथनो लीडर ट्रेनर गैरीकोर सेचुलनबर्ग जर्मनी, आर्टस्टिक चारू हरिहरण, करोलीन लिस्टिक कोव ईस्टोनिया, डायरेक्टर दुर्गेश कनवाल, प्रोजेक्ट मैनेजर गुनीत कौर आदि शामिल रहे। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट जनरल डीडीएस संधू, कर्नल एचएन सिंह, ब्रिगेडियर रंधीर सिंह, ब्रिगेडियर हरपाल, कर्नल निरंजन, कर्नल दिनेश गुप्ता, कर्नल पीएस बिंद्रा, कमांडर सतवीर मान, मेजर रनवीर भिंडर, नेवर्ल वेटर्न दर्शन अहलूवालिया (सभी सेवानिवृत्त) व इनके परिजन शामिल रहे।
विश्व को बसुधैव कुटुंबकम का संदेश
ग्रुप के प्रोजेक्ट मैनेजर गुनीत कौर ने बताया कि इन संगीतकारों ने भारत के पंजाबी, हरियाणवी व जम्मू कश्मीर के परंपरागत गीत, संगीत के साथ-साथ एक मंच पर अपने-अपने देश की प्राचीन कला और संस्कृति को प्रस्तुत किया है। ग्रुप ने भारत की मूल विचारधारा से जुड़े हुए, उसके पदचिन्हों पर चलते हुए विश्व को वसुधैव कुटुंबकम का संदेश दिया है।