माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। विलुप्त होती हरियाणवी लोक कलाओं को युवा कलाकार पुनर्जीवित करेंगे। इसके लिए खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की युवा शाखा की ओर से तीन और चार नवंबर को बाल भवन में युवा उत्सव का आयोजन किया जाएगा। जिसमें हरियाणवी संस्कृति की झलक देखने को मिलेगी।
युवा उत्सव में लुप्त होती हरियाणवी लोक कला सहित शास्त्रीय गायन एकल (हिंदुस्तानी और कर्नाटकी), शास्त्रीय नृत्य, लोक नृत्य, एकांकी नाटक और भाषण प्रतियोगिता होगी। जिसमें जिलेभर के कलाकार हिस्सा ले सकेंगे। महामारी के चलते शहर में सांस्कृतिक गतिविधियों सहित अन्य आयोजनों पर लगी पाबंदी हटने के बाद शुरू हुए अधिकतर आयोजनों में विभाग का जोर ज्यादा से ज्यादा युवाओं की प्रतिभागिता कराने पर है। इसी कड़ी में खेल एवं युवा कार्यक्रम विभाग की युवा शाखा ने जिला युवा उत्सव में 300 से 500 युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया। इसके लिए कर्ण स्टेडियम में आठ अक्टूबर से पंजीकरण प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। प्रतिभागी की आयु 15 ये 29 वर्ष के बीच होनी जरूरी है। विजेता प्रतिभागियों को विभाग की ओर से प्रथम 1000, द्वितीय 750 और तृतीय स्थान पर रहने वाले को 500 रुपये का नकद पुरस्कार और प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। सभी चयनित युवाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कला का प्रदर्शन करने का भी मौका मिलेगा।
इन विधाओं में होगी प्रतियोगिताएं
- प्रतियोगिता की विशेष श्रेणी में हरियाणा की लुप्त होती लोक कला, संगीत, नृत्य आधारित प्रस्तुति
- शास्त्रीय गायन एकल (हिंदुस्तानी और कर्नाटकी) में शास्त्रीय वादन एकल, हरमोनियम लाइट, गिटार ओर लोकगीत
- नृत्य (शास्त्रीय एवं लोकनृत्य) में मणिपुरी, ओडिसी, भरतनाट्यम, कत्थक और कुच्चीपुड़ी
- नाटक (एकांकी) में हिंदी और अंग्रेजी में जिसमें लघु नाटिका मान्य नहीं होगी
- भाषण प्रतियोगिता हिंदी और अंग्रेजी में होगी, जिसमें प्रतिभागी को दो मिनट पहले विषय दिया जाएगा।
युवा उत्सव जैसे आयोजन नई पीढ़ी को प्रदेश और देश की संस्कृति और परंपराओं से जोड़े रखने का बेहतर माध्यम होते हैं। इसी कड़ी में युवा उत्सव के माध्यम से कर्ण नगरी के ज्यादा से ज्यादा युवाओं को जोड़ बेहतर कलाकारों का चयन कर स्टेट और नेशनल स्तर तक ले जाना हमारा मुख्य उद्देश्य है।
- जोगिंदर कुमार, वाईसीओ करनाल