संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। खुद को स्वस्थ रखने के लिए ही नहीं बल्कि योग दर्द से निजात में भी कारगर है। करनाल के नागरिक अस्पताल में योग का सबसे बड़ा फायदा फ्रैक्चर के मरीजों को मिल रहा है। योग आसानों से मरीज को फ्रैक्चर के दर्द से तो राहत मिल ही रही है बल्कि हड्डी भी जल्दी जुड़ रही है। योग विशेषज्ञों का दावा है कि बलवान आसन और संचलन अभ्यास से फ्रैक्चर के मरीजों के दर्द से राहत मिल रही है, इतना ही नहीं वे जल्दी ठीक भी हो रहे हैं।
आयुष विभाग की ओर से नगारिक अस्पताल में फ्रैक्चर के मरीजों को योग का लाभ दिया जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार एक स्वस्थ हड्डी के लिए ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति के साथ ही कार्बन डाइऑक्साइड, एसिड और अन्य अपशिष्ट उत्पादों को खत्म करने के लिए पर्याप्त रक्त प्रवाह की आवश्यकता होती है। इसके अतिरिक्त हड्डी निर्माण और कार्यात्मक हड्डी के लिए रक्त प्रवाह की आवश्यकता पड़ती है। यदि रक्त प्रवाह बाधित होता है तो हड्डी के उपचार और उसकी मरम्मत में देरी होती है। रक्त प्रभाव को बनाए रखने में योग सहायक है। सिविल अस्पताल के आईपीडी ब्लॉक के द्वितीय तल पर बने हड्डी रोग विभाग में दाखिल फ्रैक्चर के मरीजों को संचलन अभ्यास और बलवान आसन करवाकर जल्द ठीक करने में मदद मिल रही है।
हड्डी उपचार में तीन चरण हैं जरूरी
आयुष विभाग की योग सहायक रीटा शर्मा ने बताया कि हड्डी के उपचार की प्रक्रिया में तीन जरूरी चरण होते हैं। जिसमें सूजन, हड्डी का उत्पादन और हड्डी का पुनर्निर्माण शामिल है। हड्डी टूटने के तुरंत बाद सूजन शुरू हो जाती है और कई दिनों तक रहती है। हड्डी में फ्रैक्चर होने के बाद उस स्थान पर रक्त प्रवाह में कमी आ जाती है। जिससे हड्डी की मरम्मत धीमी हो जाती है। शरीर में ऐंठन के साथ ही मांसपेशियों और हड्डियों में दर्द होता है। ऐसे में जिस भी अंग में फ्रैक्चर है, वहां अंग में संचलन अभ्यास करवाया जा रहा है। जिससे मरीजों को दर्द से राहत मिलती है। इसके साथ ही हड्डियों में रक्त प्रवाह बढ़ने से उसकी स्वत: मरम्मत की प्रक्रिया तेज हो जाती है।