युवाओं में फिट रहने का धुन सवार है। सुगठित शरीर के लिए कई युवा जिम में घंटों पसीना बहा रहे हैं। परिणाम पाने की जल्दबाजी में वे गलतियां भी कर रहे हैं। गलत कसरत से उनकी रीढ़ की हड्डी और कंधों पर असर पड़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में रीढ़ की हड्डी से जुड़ी समस्याएं लेकर आने वाले युवाओं की संख्या बढ़ी है। अधिकांश ने बातचीत में पता चला कि जिम में कसरत के दौरान समस्या आई।
नागरिक अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ ने बताया कि अस्पताल की हड्डी रोग ओपीडी में रोजाना करीब 150 से 200 मरीज आते हैं। इनमें से हर सप्ताह लगभग 30 मरीज रीढ़ की हड्डी और कंधों व मांसपेशियों में खिंचाव से जुड़ी समस्याओं के होते हैं। चिंता की बात यह है कि इनमें 19 से 23 वर्ष आयु वर्ग के युवा भी हैं। जिम में भारी और गलत तरीके से वेट लिफ्टिंग करने से अपनी रीढ़ की हड्डी को रिस्क में डाल रहे हैं।
उन्हाेंने बताया कि कई युवा जिम में प्रशिक्षक की सही निगरानी के बिना भारी वजन उठाने लगते हैं। गलत तरीके से वेट लिफ्टिंग करने से रीढ़ की हड्डी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे स्लिप डिस्क, मांसपेशियों में खिंचाव और लगातार कमर दर्द जैसी समस्याएं होना शुरू हो जाती हैं।
- सोशल मीडिया की नकल खतरनाक
डॉ. सौरभ ने बताया कि सोशल मीडिया पर देखकर कसरत की नकल करना भी कई बार नुकसानदायक साबित हो रहा है। हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है, इसलिए बिना तैयारी के भारी वजन उठाना हड्डियों के लिए जोखिम बन रहा है। उन्होंने कहा कि जिम करने के बाद कई युवा पढ़ाई, गेमिंग या सोशल मीडिया के कारण घंटों एक ही मुद्रा में बैठे रहते हैं। इससे रीढ़ की हड्डी का संतुलन बिगड़ने लगता है और कम उम्र में ही दर्द की शिकायत सामने आने लगती है।
ध्यान रखें
डॉ. सौरभ ने कहा कि जिम में एक्सरसाइज
कसरत हमेशा प्रशिक्षक की देखरेख में करें। वार्मअप जरूर करें।
शुरुआत में हल्के वजन से अभ्यास करें। धीरे-धीरे वजन बढ़ाएं।
लंबे समय तक मोबाइल या लैपटॉप का इस्तेमाल न करें।
हर 30 से 40 मिनट में शरीर को थोड़ा आराम देना चाहिए।
सही तरीके से बैठना, नियमित स्ट्रेचिंग करना और संतुलित आहार जरूरी।