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Karnal News: मां सरस्वती की पूजा से बुद्धि की शुद्धि और जीवन को मिलेगी नई राह

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मां सरस्वती की पूजा से बुद्धि की शुद्धि और जीवन को मिलेगी नई राह - फोटो : मां सरस्वती की पूजा से बुद्धि की शुद्धि और जीवन को मिलेगी नई राह
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- दो फरवरी को चार शुभ योग में मनाई जाएगी वसंत पंचमी
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भगवान दास
करनाल। वसंत पंचमी का पर्व दो फरवरी को मनाया जाएगा। लंबे समय बाद वसंत पंचमी पर शिव, सिद्ध, साध्य और रवि योग एक साथ बन रहे हैं, जो काफी शुभ माने जा रहे हैं। इनमें शिव योग, बुद्धिमत्ता के साथ दूसरों के लिए अपनी इच्छाओं का बलिदान करने, सिद्ध योग नए काम की शुरुआत के लिए, साध्य योग में काम पूर्ण होने के लिए और रवि पुष्य योग में श्रीहरि विष्णु और मां लक्ष्मी की पूजा से धन लाभ के लिए शुभ रहेगा। साथ ही ज्ञान की देवी मां सरस्वती की पूजा से बुद्धि की शुद्धि के साथ जीवन को नई राह मिलेगी।
वसंत पंचमी की तैयारी के लिए मेरठ रोड, जीटी रोड के साथ-साथ शहर में विभिन्न स्थानों पर मां सरस्वती की मूर्तियों की खरीदारी शुरू हो गई है। इस दिन पतंग उड़ाने का भी क्रेज है, इसके लिए सदर बाजार और राम नगर क्षेत्र की दुकानों पर पतंगों की भारी मांग बढ़ रही है। युवक-युवतियां डीजे बुक कर रहे हैं ताकि पंजाबी और हरियाणवी गीताें के साथ पतंग का पेंच लगा सकें।
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दुकानदार निखिल ने बताया कि इस बार उत्तर प्रदेश के रामपुर, आगरा, राजस्थान के जयपुर, कोलकाता और पंजाब से कागज और पन्नी की छोटी व बड़ी पतंग बाजार में मिल रही हैं। जिनमें तिरंगा, गलासा, चांद तारा और पाकिस्तानी डिजाइन की पतंगें शामिल हैं, जिनकी कीमत एक रुपए से 350 रुपए तक है। वहीं डोर भी 300 रुपए से 600 रुपए तक बिक रही है।



ज्ञान की देवी सरस्वती की पूजा करने के लिए श्रद्धालु दो से सात फुट तक की मां सरस्वती की मूर्तियां खरीद रहे हैं। मेरठ रोड के दुकानदार कर्ण ने बताया कि खूब मूर्तियां बिक रही हैं। खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार के श्रद्धालु ज्यादातर सरस्वती मां की मूर्तियां खरीद रहे हैं। मूर्ति में जो रंग लगाया जा रहा है वह पानी में घुल जाता है। इनकी कीमत 2000 रुपए से 6000 रुपए तक है।


पूजा का समय

श्री कर्णेश्वरम् महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी षष्टी वल्लभ पांडे ने बताया कि वसंत पंचमी के शुभ अवसर पर ज्ञान, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती की पूजा की जाती है। मां सरस्वती की पूजा करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। पंचांग के अनुसार, माह शुक्ल पंचमी तिथि की शुरुआत दो फरवरी को सुबह नौ बजकर 14 मिनट पर हो रही है। वहीं इस तिथि का समापन तीन फरवरी सुबह छह बजकर 52 मिनट पर होगा।
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सनातन धर्म में उदया तिथि का विशेष महत्व है। ऐसे में देशभर में वसंत पंचमी का त्योहार दो फरवरी को मनाया जाएगा। पंचांग के अनुसार, माघ माह के शुक्ल पंचमी तिथि पर शनि देव सुबह 08 बजकर 51 मिनट पर पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र में गोचर करेंगे। इस दिन शिव योग, सिद्ध योग साध्य योग और रवि योग बन रहे हैं।
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