संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। सावन का महीना 14 जुलाई से शुरू हो रहा है। सावन में आशुतोष भगवान शंकर की पूजा का विशेष महत्व है। जो प्रतिदिन पूजन न कर सके, उन्हें सोमवार को शिव पूजा अवश्य करनी चाहिए और व्रत रखना चाहिए, क्योंकि सोमवार का दिन भी शिव को प्रिय है। इसी कारण सावन में सोमवार की पूजा श्रेयष्कर मानी जाती है। श्रावण मास में प्रतिदिन शिव उपासना का विधान है। इस महीने में पार्थिव शिव पूजा का भी विशेष महत्व है।
श्री श्याम बाला जी ज्योतिष केंद्र के संचालक पंडित विनोद शर्मा बताते हैं कि प्रतिदिन या प्रति सोमवार अथवा प्रदोष को पार्थिव शिव पूजा अवश्य करनी चाहिए। सावन के महीने में लघु रुद्र, महारुद्र, अति रुद्र का पाठ कराने का भी विधान है। सावन मास में जितने भी सोमवार पड़ते हैं, उन सभी में शिवजी की पूजा का व्रत किया जाता है, इस व्रत में प्रात: गंगा स्नान या किसी भी पवित्र नदी व सरोवर में स्नान करना चाहिए। नदी संभव न हो तो विधिपूर्वक घर पर ही स्नान करके शिव मंदिर में जाकर स्थापित शिवलिंग का या अपने घर में पार्थिव मूर्ति बनाकर पूजन करना चाहिए। यथासंभव विद्वान ब्राह्मण से रुद्राभिषेक भी कराना चाहिए। इस व्रत में श्रावण माह में और श्री शिव महापुराण की कथा सुनने का विशेष महत्व है। पूजन के पश्चात ब्राह्मण को भोजन करा स्वयं एक बार भोजन करने का विधान है। भगवान शिव का यह व्रत सभी मनोकामना पूर्ण करने वाला होता है। सावन मास में भक्तजन गंगा जी हरिद्वार, गोमुख आदि पवित्र स्थानों से गंगाजल लाकर अपने-अपने गांव या शहर या नगर में भगवान शंकर जी का अभिषेक करते हैं। शिवरात्रि की रात को चार प्रहर की भगवान शंकर जी की पूजा की जाती है। सावन मास में किया गया दान तप पूजन भगवान शंकर की आराधना अनंत मोक्षदायी होती है।
महामृत्युंजय मंत्र का करें जाप
संतान सुख की प्राप्ति के लिए महादेव के दूध से अभिषेक करना चाहिए। इसके अलावा गंगाजल से भी अभिषेक किया जा सकता है। अच्छा जीवनसाथी पाने के लिए श्रावण मास के हर सोमवार को व्रत करना चाहिए। स्वास्थ्य, सुख और रोगों से मुक्ति के लिए श्री महामृत्युंजय मंत्र का जाप सावन मास में रोज करना चाहिए। आर्थिक उन्नति के लिए शिव स्त्रोत का पाठ करना चाहिए और गन्ने के रस से अभिषेक करने से जल्द लाभ होता है। पंडित विनोद ने बताया कि सावन 14 जुलाई से शुरू होने वाला है और पूरे सावन माह में चार सावन सोमवार आएंगे।
सावन माह के प्रमुख व्रत और त्योहार
14 जुलाई अशुन्यशयन व्रत
18 जुलाई नाग पंचमी
19 जुलाई मंगला गौरी व्रत
24 जुलाई कामिका एकादशी व्रत
25 जुलाई सोम प्रदोष व्रत
26 जुलाई सावन शिवरात्रि
28 जुलाई हरियाली अमावस्या
31 जुलाई हरियाली तीज