फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छह घंटे गरजीं आशा वर्कर

Fri, 21 Aug 2015 12:39 AM IST
करनाल/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
विभिन्न मांगों को लेकर सीएम सिटी में प्रदेशभर की हजारों आशा वर्कर करीब 6 घंटे दहाड़ीं। इस दौरान पुलिस और आशा वर्कर्स के बीच करीब डेढ़ घंटे तनातनी बनी रही। करीब पांच हजार की संख्या में प्रदेशभर की आशा वर्कर के गुस्से से पुलिस व प्रशासन की सांसें फूल गई। इस मौके पर सेक्टर-12 व गांधी चौक के सामने की सड़क छावनी में तबदील दिखी। करीब दो घंटे तक सिविल अस्पताल रोड जाम रहा। प्रदर्शन के दौरान सांड़ आ गया और गुड़गांव की संगीता व संतोष को टक्कर मार दी। घायलावस्था में दोनों को  ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया। शाम को करीब पौने चार बजे मुख्यमंत्री के ओएसडी ने सीएम के साथ 31 अगस्त को बैठक कराने का लिखित आश्वासन दिया। उसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुईं। तब जाकर पुलिस और प्रशासन की सांस में सांस आई। अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रदेशभर की आशा वर्कर सुबह 9 बजे सेक्टर-12 स्थित पार्क में एकत्रित होनी शुरू हुई। करीब 10 बजे पूरा मैदान आशा वर्कर से भर गया। इसके बाद अपनी मांगों को लेकर आशा वर्कर दोपहर 2 बजे तक यहीं पर प्रदेश सरकार के खिलाफ दहाड़ती रहीं। इस बीच दोपहर करीब 1 बजे एसडीएम राजीव मेहता व डिप्टी एसपी जितेंद्र गहलावत मौके पर पहुंचे और आशा वर्कर को मनाने का प्रयास किया, लेकिन आशा वर्कर मुख्यमंत्री से बातचीत करने पर अड़ी रहीं और एसडीएम खाली हाथ लौट गए। इसके बाद दोपहर करीब 2 बजे आशा वर्कर सड़कों पर रोष मार्च निकालते हुए सीएम कैंप कार्यालय का घेराव करने चल दीं।
विज्ञापन

31 को सुबह 11 बजे बातचीत का मिला निमंत्रणसीएम कैंप कार्यालय का घेराव करने के लिए निकलीं आशा वर्कर्स को ओल्ड सिविल लाइन के पास पुलिस ने बैरिकेड्स लगाकर रोक लिया। इस दौरान आशा वर्कर के रोष को देखते हुए पुलिस ने पानी की बौछारों की भी व्यवस्था कर ली थी। करीब एक घंटे के प्रदर्शन के बाद जब बात नहीं बनी तो दोपहर करीब साढ़े 3 बजे आशा वर्कर ने प्रशासन को 15 मिनट में लिखित आश्वासन देने का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि 15 मिनट में आश्वासन नहीं मिला तो वह बैरिकेड्स तोड़ देंगी। इससे स्थिति और भी पेचीदा हो गई। आननफानन में मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय से ओएसडी अमरेंद्र सिंह ने सीएम से बातचीत करने के बाद 31 अगस्त को सुबह 11 बजे चंडीगढ़ कार्यालय में उनसे बातचीत का लिखित आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ। आशा वर्कर्स की मांगों में उन्हें स्थायी कर्मचारियों को दर्जा देना, आशाओं को ग्राम स्तरीय सरकारी कर्मचारी घोषित करना, सरकारी कर्मचारी घोषित नहीं होने तक न्यूनतम वेतन दिया जाना, यूपीए सरकार द्वारा व 2014 में प्रदेश कांग्रेस सरकार द्वारा तय किए गए 1-1 हजार रुपये तुरंत देना, सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करना, स्वास्थ्य विभाग में संस्थागत सुधार, जरूरी यंत्र, स्टाफ व विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को पूरा करना शामिल है। 
...एसडीएम बोले, मैं तो एसडीएम हूं, सीएम थोड़ी हूं...आशा वर्कर को मनाने पहुुंचे एसडीएम राजीव मेहता से आशा वर्कर सीएम से बातचीत कराने को लेकर अड़ी रहीं। एसडीएम ने उन्हें समझाते हुए कहा कि सीएम यूएसए में हैं। इसलिए वह उनके आने के बाद 27 को ही उनसे समय लेकर उन्हें बातचीत का न्योता दिला सकते हैं। इस पर आशा वर्कर सीएम से ही बातचीत की मांग पर अड़ी रहीं। इस पर एसडीएम ने कहा कि वह तो एसडीएम हैं कोई सीएम थोड़ी हैं कि अपनी मर्जी से समय दे दें। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से बातचीत कराने की बात कही, आशा वर्कर ने हामी भर दी, लेकिन एसडीएम स्वास्थ्य मंत्री से बातचीत कराने व उनसे मिलवाने के समय आशा वर्कर को नहीं दिला सके। करीब एक आधे घंटे बाद वह बैरंग वहां से लौट गए। 
विज्ञापन

दोपहर साढ़े तीन बजे सांड़ की टक्कर से दो महिलाएं घायलदोपहर करीब साढ़े 3 बजे प्रदर्शन के बीच सांड़ आ गया। इससे आशा वर्कर के बीच खलबली मच गई। भीड़ को देखकर डरे सांड़ ने भागते हुए दो आशा वर्करों को जख्मी कर दिया। इनमें गांव आलमदी जिला गुड़गांव की संगीता व संतोष शामिल हैं। दोनों को करनाल के ट्रॉमा सेेंटर में भर्ती कराया गया।  
2 को चक्का जाम करने की चेतावनीइस दौरान आशा वर्कर ने कहा कि यदि 31 अगस्त को उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता तो वह दो सितंबर को प्रदेशभर में राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान सड़क पर यातायात रोक देंगी और हर हाल में अपनी मांगों को मनवाकर ही दम लेंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें