- नगर निगम के अधीन 15 गांवों व 16 कॉलोनियों को होना था फायदा, अब चुनाव के बाद शुरू होगा काम
सुखदेव चौहान
करनाल। जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की अमृत योजना से शहर में 96 करोड़ रुपए की लागत से सीवर लाइन बिछाने का काम अटक गया है। अब यह कार्य आचार संहिता के बाद ही होगा, तब तक शहरवासियों को जलभराव की समस्या से जूझना पड़ेगा।
शहर में 54 किलोमीटर क्षेत्र में बिछने वाली सीवर लाइन से नगर निगम के अधीन 15 गांवों व हाल में नियमित की गईं कॉलोनियों को सबसे ज्यादा लाभ होना था। इन कॉलोनियों में अभी पानी की निकासी दुरुस्त न होने के कारण जलभराव की समस्या रहती है। सीवरेज लाइन बिछाने की परियोजना को सरकार की ओर से तकनीकी स्वीकृति दे दी गई थी। अब विधानसभा चुनाव के कारण प्रशासनिक स्वीकृति नहीं मिल पाई, जिसके बाद टेंडर लगाया जाना था।
जन स्वास्थ्य विभाग को इस कार्य को दो साल की अवधि में पूरा किया जाना था। फिलहाल शहर में सीवर की 55 एमएलडी क्षमता है, यह लाइन बिछने से यह क्षमता बढ़कर 104 एमएलडी हो जाएगी। सीवर लाइन बिछने से आरके पुरम पार्ट दो, सुखबीर कॉलोनी, आरके पुरम निकट रजवाहा, विजयनगर, शक्तिपुरम एक्सटेंशन, विकास कॉलोनी मेरठ रोड, कनिका बिहार एक्सटेंशन व नगर निगम के अंतर्गत आने वाले गांवों कैलाश, उचाना, बलड़ी, उचानी, मंगलपुर, बुढ़ाखेड़ा, बागपति, बसंत विहार को लाभ होना था।
जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से आबादी के दबाव के हिसाब से अलग-अलग क्षेत्र में अलग-अलग साइज की पाइपलाइन बिछाने की योजना भी तैयार कर ली गई थी। जन स्वास्थ्य विभाग अगले 30 साल तक की सुविधा के मद्देनजर लाइन बिछाने का कार्य करवाने वाला था।
चुनाव के बाद शुरू होगा काम
जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की अमृत योजना से शहर में सीवरेज लाइनों के बिछने की तकनीकी स्वीकृति प्राप्त हो गई थी। विधानसभा चुनाव के बाद प्रशासनिक स्वीकृति मिलने पर योजना को धरातल पर अमलीजामा पहनाया जाएगा।
- अभिषेक शेर, कार्यकारी अभियंता, जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग