संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत 48 कोस तीर्थ पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इस कड़ी में गत दिवस बहलोलपुर गांव में हरियाणा कला परिषद रोहतक मंडल और कला एवं सांस्कृतिक विभाग हरियाणा के संयुक्त तत्वावधान में सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। गगन रहेजा की टीम ने धार्मिक प्रस्तुतियों से लोगों की वाहवाही लूटी।
रहेजा ने बताया कि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र 48 कोस की परिधि में फैला है। इस क्षेत्र में 182 महाभारत कालीन तीर्थ हैं। महाभारत युद्ध के दौरान कुरुक्षेत्र में मोह ग्रस्त अर्जुन को भगवान श्रीकृष्ण जी ने पवित्र गीता का उपदेश दिया था, जो संपूर्ण मानव जाति के लिए भी था। भारतीय संस्कृति में विशेष महत्व रखने वाले गीता की जन्मस्थली धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पावन भूमि पर वर्ष 2016 से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री नायब सैनी ने इस गीता महोत्सव को और भी भव्य बनाने के निर्देश दिए। रविवार को नौवें अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में अध्यात्म, संस्कृति एवं कला का दिव्य संगम देखने को मिला। यह आयोजन 28 नवंबर से शुरू होकर 15 दिसंबर तक चलेगा। 18 दिनों तक चलने वाले इस अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के मुख्य कार्यक्रम पांच दिसंबर से 11 दिसंबर तक चलेंगे, जिसकी शुरुआत पांच दिसंबर को ब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग में गीता यज्ञ एवं पूजन के साथ होगी।