तरावड़ी सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस द्वारा ढील देने और महिला के आरोपों से मुकरने पर हरियाणा महिला आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। महिला आयोग की अध्यक्ष प्रतिभा सुमन ने बयान से मुकरने वाली महिला की तुरंत गिरफ्तारी और आरोपियों के डीएनए कराने के निर्देश दिये हैं। अध्यक्ष ने यह पत्र डीजीपी हरियाणा और करनाल के एसपी को भेजकर आगामी सात दिनों में इस केस की रिपोर्ट तलब की है।
13 जुलाई को गन्नौर की एक महिला ने तरावड़ी थाने को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उसके साथ नितिन एग्रो फूड्स राइस मिल में बंदूक के बल पर सामूहिक दुष्कर्म हुआ है। शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर तो दर्ज कर ली, लेकिन न तो राइस मिल का जिक्र किया और न ही मिल के मालिकों समेत अन्य का। यही नहीं तरावड़ी थाना पुलिस ने मामले में आरोपियों को राउंडअप तो कर लिया, लेकिन न तो उनकी गिरफ्तारी दिखाई और न ही उनको छोड़ा। तीन दिन तक ऐसा ही चला, आखिरकार 16 जुलाई को महिला आयोग की सदस्य नम्रता गौड़ करनाल पहुंची तो शिकायतकर्ता महिला ने दास्तां सुनाई और सामूहिक दुष्कर्म के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले में नया मोड़ उस समय आया जब आयोग के सामने गवाही देने वाली महिला मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयानों से मुकर गयी। अब महिला आयोग ने हरियाणा के डीजीपी और करनाल के एसपी को पत्र लिखकर आरोपों से मुकरने वाली महिला की गिरफ्तारी के निर्देश दिये हैं। साथ ही ये भी कहा कि गैंगरेप में शामिल सभी आरोपियों का डीएनए टेस्ट कराया जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके।
प्रताप स्कूल सामूहिक दुष्कर्म मामले की जांच जारी : प्रतिभा सुमन
तरावड़ी सामूहिक दुष्कर्म मामले में डीजीपी और एसपी को पत्र लिखकर कार्रवाई के निर्देश दिये गए हैं। बयानों से मुकरने वाली महिला की तुरंत गिरफ्तारी और आरोपियों के डीएनए टेस्ट के लिए कहा गया है। पुलिस को इसके लिए सात दिन का समय दिया गया है। वहीं, प्रताप पब्लिक स्कूल में हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले की अलग से आयोग जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट के बाद इस मामले में भी निर्देश दिये जाएंगे। -प्रतिभा सुमन, अध्यक्ष, महिला आयोग हरियाणा।