नेहरू गार्ड कॉलोनी में स्थित हरियाणा महिला विकास निगम कार्यालय में शुक्रवार को आम आदमी पार्टी के सदस्यों ने ताला जड़ दिया। यह कार्यालय कई महीने से बिना अधिकारियों और कर्मचारियों के चल रहा है। इस कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक नदारद रहते हैं।
कर्ज पर सब्सिडी प्राप्त करने के लिए लोग इस कार्यालय के चक्कर काटते रहते हैं लेकिन अधिकारी के न मिलने के कारण उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ता है। शुक्रवार को ‘आप’ के कार्यकर्ता कार्यालय पहुंचे। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी जब कोई अधिकारी कार्यालय में नहीं आया तो कार्यकर्ताओं ने ताला जड़ दिया और चॉबी एडीसी अरविंद मल्लहान को सौंप दी गई। यह भी पता चला कि जिस भवन में यह कार्यालय चल रहा है, उसका मालिक ही इसे सुबह खोलता है और वही शाम को बंद करता है।
‘आप’ के जिला संयोजक सदस्य प्रदीप रापड़िया, नरेश गुप्ता, महाबीर सिंह, राधेश्याम प्रजापति, महाबीर सिसला, सतीश कुमार, राजकुमार, राजेंद्र गोयल ने बताया कि हरियाणा महिला विकास निगम कार्यालय में किसी भी अधिकारी के न होने की सूचनाएं लंबे समय से मिल रही थीं। इस कार्यालय की कार्यप्रणाली से शहरवासी काफी परेशान थे। अनेक महिलाओं और पुरुषों के आवेदन कार्यालय की रसोई और गेट के बाहर फाइलों में पड़े मिले। शुक्रवार को भी एक प्रार्थी अपने कार्य के लिए इस कार्यालय में पहुंचा था। ऑफिस में एक भी कर्मचारी न मिलने पर उसने मामले की सूचना दी। उन्होंने कहा कि यह प्रशासनिक विफलता है कि एक कार्यालय बिना कर्मचारियों के खाली पड़ा रहता है जबकि इसमें सरकारी रिकॉर्ड भी होता है।
सब्सिडी देने का कार्य किया जाता है
कार्यालय की कार्यप्रणाली से पीड़ित डॉ. एसबी गोयल ने बताया कि यहां एजुकेशन लोन पर लिए जाने वाले 11 प्रतिशत ब्याज में से पांच प्रतिशत ब्याज की सब्सिडी मिलती है। वह अपनी बेटी की शिक्षा के लिए लिए गए एजुकेशन लोन पर सब्सिडी की फाइल के लिए यहां चक्कर काट रहा है लेकिन कई दिन से कोई कर्मचारी यहां बैठा हुआ नहीं मिलता। इसके अलावा इस कार्यालय द्वारा महिलाओं को 50 हजार रुपये कर्ज देने का भी कार्य किया जाता है।
कर्मचारी को रिकवरी के लिए भेजा था : प्रदीप कुमार
इस संबंध में महिला विकास निगम के जिला प्रबंधक का काम संभाल रहे प्रदीप कुमार राजा ने कहा कि कैथल का उनके पास एडिशनल चार्ज है। वह यमुनानगर में तैनात हैं। यहां एक या दो दिन ही आया जा सकता है। विभाग में दो माह से अकाउंटेंट का पद खाली पड़ा हुआ है। शुक्रवार को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी रामकरण को सीवन में रिकवरी के लिए भेजना पड़ा। विभाग को पद को भरने के लिए लिखा गया है। उधर, डीसी कार्यालय से भी यही सूचना दी गई कि जिला प्रबंधक के पास अतिरिक्त कार्यभार है तथा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी किसी काम से गया हुआ था।