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Karnal News: समय से पहले रजोनिवृत्ति से हो रही समस्याएं

Sat, 17 May 2025 01:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। महिलाओं के जीवन में एक अहम मोड़ माने जाने वाले रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) का समय से पहले आना चिंता का विषय बनता जा रहा है। जिला नागरिक अस्पताल की ओपीडी रोजाना लगभग 15 से 20 महिलाएं मेनोपॉज के बाद होने वाले हार्मोनल बदलावों से परेशान होकर पहुंच रही हैं। कई मामलों में मेनोपॉज उम्र 35 से 40 वर्ष के बीच देखा जा रहा है, जिससे महिलाओं कई प्रकार की शारीरिक समस्याएं होने लगती है।
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ वैशाली ने बताया कि आजकल की भागदौड़ भरी जीवनशैली, नींद की कमी, अत्यधिक मानसिक तनाव, हार्मोनल असंतुलन और अनियमित खानपान समय से पहले मेनोपॉज के प्रमुख कारण बन रहे हैं। महिलाओं में मासिक धर्म में अनियमितता, चिड़चिड़ापन, नींद न आना, और मानसिक थकान जैसी समस्याएं आती है। वहीं, मासिक धर्म का अनियमित होना या बंद होना, अधिक पसीना आना, मूड स्विंग्स चिड़चिड़ापन, अनिद्रा, अधिक थकान महसूस होना, बालों का अधिक झड़ना और हल्के होना, जोड़ों में दर्द और सूजन जैसे लक्षण रजोनिवृत्ति के होते हैं।
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उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला में ऐसा होता है तो वह घबराए नहीं क्योंकि यह प्रक्रिया होती है लेकिन अधिक दिक्कत आने पर डॉक्टर से जरूर मिलें और इलाज करवाएं। इसके अलावा समय से पहले रजोनिवृत्ति के कई कारण होते हैं जैसे हार्मोनल असंतुलन के कारण अंडाशय में अंडाणु जल्दी खत्म हो जाते हैं, शरीर की रोग प्रतिरोधक प्रणाली ही अंडाशय की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने लगती है, कुछ मामलों में गर्भाशय या अंडाशय की सर्जरी होने, और कई महिलाओं में आनुवांशिक कारण पाएं जाते हैं।

संतुलित और पौष्टिक आहार लें
डॉ. श्रुति ने कहा कि जैसे मासिक धर्म शुरू होने पर किशोरियों को कई तरह के हार्मोनल बदलाव होते हैं उसी तरह एक महिला के रजोनिवृत्ति होने पर भी तेजी से हार्मोनल बदलाव आते हैं। इस स्थिति में शरीर में कई तरह की बीमारियां होने लगती है जिसमें महिलाएं इसे सामान्य समझ कर नजरअंदाज कर देती हैं। लेकिन हर महिला को अपनी रजोनिवृत्ति के समय स्वास्थ्य का खास ख्याल रखना चाहिए। इसके लिए संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाएं, रोजाना कम से कम दस मिनट योग करें, विटामिन डी, कैल्शियम और आयरन का भरपूर सेवन करें।
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रजोनिवृत्ति की सही उम्र 45 से 55 वर्ष

डॉ. वैशाली ने बताया कि रजोनिवृत्ति तब होती है जब महिला के अंडाशय में धीरे-धीरे एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन जैसे प्रमुख प्रजनन हार्मोन बनना बंद कर देते हैं। जिसमें यह दोनों हार्मोन मासिक धर्म को नियंत्रित करने का काम करते हैं। वहीं जब ओवरी में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का स्तर घटने से हड्डियां कमजोर होती है जिससे जोड़ों में दर्द रहने लगता है। उन्होंने बताया कि रजोनिवृत्ति की सही उम्र 45 से 55 वर्ष होती है। जिन्हें 40 वर्ष से पहले ही मासिक धर्म पूरी तरह से बंद हो जाते हैं उन्हें तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
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