माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। रामनगर थाना पुलिस ने हिमाचल के ज्वालाजी से बच्ची को खरीदने वाली महिला सुमन को गिरफ्तार कर लिया है। बच्ची को खरीदने वाली आरोपी सुमन ने अपनी नर्स बहन के जरिये बच्ची की मां से संपर्क किया था।
सुमन के पास बच्चे नहीं हैं। इसलिए उसने गोदभराई के लिए इस बच्ची को लिया था। जांच में सामने आया कि बच्ची को बेचने के लिए पहले उसे वीडियो कॉल कर दिखाया गया। बच्ची को बेचने की एवज में 2.20 लाख की मांग की मगर सौदा 1.70 लाख रुपये में हुआ। जबकि बिचौलियों ने बच्ची की मां को केवल 95 हजार ही थमाए। इसी बात पर विवाद हुआ और मामला पुलिस तक जा पहुंचा। हालांकि चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) के हस्तक्षेप के बाद बच्ची को हिमाचल के कांगड़ा जिले के ज्वालाजी से रेस्क्यू किया गया है। बच्ची को सीडब्ल्यूसी के संरक्षण में है। बच्ची के खरीददारों ने उसका नाम बदलकर श्रीजा रख दिया था।
बच्ची की मां सीमा ने खरीदफरोख्त के इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि वह इलाज के लिए गई थी, जहां उसे बहलाकर फंसा लिया गया। उसका कहना है कि उसकी बेटी को दौरे पड़ते हैं और इसी इलाज के दौरान उसे एक महिला मिली। सीडब्ल्यूसी चेमयरैन उमेश चानना ने बताया कि उन्हें आशंका है कि ये एक बड़ा गिरोह है। इसमें पानीपत, करनाल से लेकर हिमाचल तक तार जुड़े हैं।