करनाल। हाईप्रोफाइल सामूहिक दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग मामले में लगातार नई रिकार्डिंग सामने आ रही हैं। शनिवार को महिला मीडिया के सामने आई और दो रिकार्डिंग जारी की। एक रिकार्डिंग 52 सेंकेड की है और दूसरी एक मिनट 9 सेकेंड की है। दोनों रिकार्डिंग में नीलोखेड़ी के विधायक धर्मपाल गोंदर के बेटे ईटीओ शिव गोंदर कई गंभीर बातें बोल रहे हैं। महिला को शिव गोंदर ये भी कह रहे हैं कि तहसीलदार और प्रताप स्कूल का मालिक इसलिए गिरफ्तार नहीं हुए, क्योंकि उन्होंने पुलिस को 25 से 30 लाख रुपये दिये हैं। महिला ये भी कह रही है कि पुलिस को पैसे क्यों दिये। मामला दर्ज होते हुए नहीं तो पुलिस गिरफ्तार करती। शिव गोंदर महिला को एक दूसरे स्कूल में नौकरी लगवाने की भी बात कर रहा है। इसके अलावा, ये भी कहा जा रहा है कि तहसीलदार के सीएम के साथ सीधे संबंध हैं और सीएम ने उनको बुलाया था और पूछा था कि आपका कसूर है या नहीं। अगर कसूर नहीं है तो फिर आपका कुछ नहीं बिगड़ेगा। इन दोनों रिकार्डिंग के सामने आने के बाद से अब शिव गोंदर सीधे निशाने पर आ गए हैं। महिला रिकार्डिंग में कह रही है कि तहसीलदार ने सीएम को झूठ क्यों बोला, उसका कसूर है। मीडिया को भला बुरा कहा, महिला और शिव गोंदर मीडिया और महिला आयोग के बारे में भी बात कर रहे हैं। महिला कह रही है आप बीच में आ गए तो हम मान रहे हैं, लेकिन मीडिया को कौन रोकेगा। महिला पूछ रही है कि अगर मैंने अपने बयान वापस ले लिये तो मीडिया और महिला आयोग को कौन रोकेगा। गोंदर ये भी आश्वासन दे रहे हैं कि मीडिया केवल आज तक ही बोंलेगे, किसी को कुछ नहीं पता कि आपके मामले में क्या चल रहा है। सीएम साहब मुझे बेटी मानकर न्याय दिलाएं महिला ने रोते हुए कहा कि वे प्रदेश के सीएम मनोहर लाल से गुहार लगाती हैं कि वे मुझे अपनी बेटी मानें और मुझे न्याय दिलाएं। महिला ने कहा कि रिकार्डिंग के आधार पर आप अंदाजा लगा सकते हो कि उस पर किस तरह से दबाव बनाया गया और जबरदस्ती शपथ पत्र लिये गए। महिला ने फिर दोहराया कि उसे केवल न्याय चाहिए। क्योंकि पहले उसके साथ दुष्कर्म किया गया और बाद में दबाव के चलते उसे झूठे केस में फंसा दिया गया। शिव गोंदर पर हमला बोलते हुए कहा कि वह भाई बनकर आया था, लेकिन वह भी गलत ही निकला। क्या कहते हैं शिव गोंदर इस बारे में विधायक के बेटे शिव गोंदर ने फिर से सभी आरोपों को नकारते हुए कहा कि रिकार्डिंग को काटकर जारी किया जा रहा है। मैंने किसी तरह का कोई दबाव महिला पर नहीं डाला, बल्कि महिला खुद पैसे की चाह में पूरा खेल खेल रही थी। गोंदर ने फिर दोहराया कि उसे अदालत पर भरोसा है और वे अपना पक्ष पहले ही रख चुके हैं। पहली रिकार्डिंग 52 सेकेंड की महिला : भाई आपके कहे से, आपने कहा कि मैं बीच में आ गया, हम आपके कहने से मान रहे हैं, फेर ये बताओ ये लान लग रे और रोज के रोज। इनका के करोगे शिव गोंदर : अपशब्द कहे, और आज कल में ये बंद हो जाएंगे। महिला : मान लो एसपी ने कह दिया कि पीड़िता महिला जिसने तहसलीदार और अजय भाटिया के खिलाफ केस में अपने बयान से मुकर गई तो मेरी तो धज्जियां उड़ा देंगे। -कौन कह देगा महिला : यू ही कहेगा जून से ये पीछे लग रहे, मीडिया और महिला आयोग शिव गोंदर : ना तो आपके पीछे महिला आयोग है और ये जो बोल रहे हैं ना ये सिर्फ आज तक बोल रहे हैं. क्योंकि आपकी कार्रवाई का तो किसी को पता नहीं, कि क्या चल रहा है। इन्हें पता है कुछ, उस दिन मैंने कहा कि महिला कमीशन से आपने मिलना नहीं है। एक अन्य पुरुष : बयान देंगे तो किसी को पता नहीं लगेगा शिव गोंदर : ना किसी को नहीं पता लगेगा। दूसरी रिकार्डिंग : 1.9 मिनट की शिव गोंदर : यू है मामला, मिलजुकर रहेंगे तो कहीं समस्या नहीं आयेगी। इस स्कूल में नहीं तो महाराणा प्रताप स्कूल में हो जाएगा। उन्हें तो रखना नहीं और ना ही वहां फायदा। महिला : भाई रखना और रहने की बात नहीं है, इसका मतलब उनके तो कोई सेक लगी ही नहीं। शिव गोंदर : उनके 25 से 30 लाख रुपये तो पुलिस में लाग रे हैं। महिला : पुलिस को पैसे क्यों दिये उन्होंने। शिव गोंदर : पुलिस को तो इसलिए दिये मामला दर्ज होते हुए देने पड़े, पैसे, तो देने थे। ये अरेस्ट थोड़ा हो सकें हैं। महिला : नहीं तो पुलिस उनको अरेस्ट करती शिव गोंदर : अगली बात बताऊं तहसीलदार ऐसे मामले में ना तो सस्पेंड भी नहीं और ट्रांसफर भी नहीं। और सीएम के साथ सीधे रिलेशन हैं। सीएम ने कहा,राजबख्श तेरा कसूर है तो बता, अगर तेरा कसूर नहीं है तो तेरा कुछ नहीं बिगड़ सकता। महिला : भाई कसूर है उसका। उसने क्यों झूठ बोला शिव गोंदर : बहन जी एक बात वो उस तैं क्यों बतावेगा, जो उसने बचाण आले हैं, उनको क्यों कहेगा कि उसने गलत काम कर रखा है। (हम इस बात की तस्दीक नहीं करते है कि रिकार्डिंग सच है या झूठ, यह तो जांच के बाद ही पता चलेगा)