माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मूनक गांव में सांप के डसने से सरोज की मौत हो गई। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था लेकिन नौ दिन तक चले उपचार के बाद भी उसकी जान नहीं बच सकी।
तीन जून को वह जब घर के पास उपले व घास उठाने गई थी। तभी एक कोबरा सांप ने उसे काट लिया। परिजनों का आरोप है कि समय रहते बेहतर इलाज या पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया जाता तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।
मृतका के भाई सुरेश शर्मा ने बताया कि सरोज गांव में अपने घर के पास उपले और घास इकट्ठा कर रही थी। उसी दौरान उसे बाएं हाथ की एक उंगली पर किसी जीव ने काट लिया। शुरुआत में परिजन उसे नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे जहां डॉक्टरों ने किसी कीड़े के काटने की बात कहकर मामूली इलाज किया। लेकिन कुछ घंटों के बाद उसी स्थान पर एक कोबरा सांप दिखाई दिया, जिसे स्नैक रेस्क्यू टीम ने पकड़ लिया। इसके बाद परिजनों ने डॉक्टरों को कोबरा के काटने की जानकारी दी फिर भी महिला का सही इलाज नहीं किया गया।
परिजनों ने बताया कि हालत बिगड़ती देख वे उसे शहर के एक निजी अस्पताल में ले आए, जहां डॉक्टरों ने कोबरा के काटने की पुष्टि की। डॉक्टरों ने इलाज का भरोसा दिया और भर्ती कर लिया गया लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजनों का आरोप है कि जब सरोज की हालत लगातार बिगड़ रही थी तो उन्होंने डॉक्टरों से पीजीआई रेफर करने की बात कही लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने हर बार भरोसा दिलाया कि उनका इलाज यहीं हो जाएगा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।