संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। भोजी खालसा गांव में घरेलू विवाद में गर्भवती महिला की उनके चाचा ससुर, सास और देवर ने लात-घूंसों से पिटाई कर दी। महिला अपने गहने लेने के लिए चाचा ससुर के घर गई थी। आरोप है कि इलाज के दौरान महिला का गर्भपात हो गया। महिला के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर इंद्री थाना पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
पीड़िता ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि पति रविंद्र हरियाणा रोडवेज में स्टेनोग्राफर के पद पर कार्यरत हैं। करीब एक साल पहले चाचा ससुर गुलाब सिंह और चाची सास बबीता ने पारिवारिक तंगी का हवाला देकर उनके सोने के गहने लिए थे। वापस मांगे तो टाल-मटोल करते रहे। 25 जनवरी को वह गहने लेने गईं तो चाची सास बबीता ने इनकार कर दिया। विरोध पर डंडे से मारा। चाचा ससुर गुलाब सिंह ने थप्पड़ जड़े और उनके बेटे आशीष ने पेट पर लात मारी। आरोपियों ने उन्हें जमीन पर गिरा दिया।
वह गर्भवती थीं। हालत बिगड़ने पर मायके वाले इंद्री के सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां से कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। दो फरवरी को इलाज के दौरान उनका गर्भपात हो गया।
इंद्री थाना पुलिस प्रभारी विपिन कुमार ने बताया कि महिला के बयान पर पुलिस ने आरोपी गुलाब सिंह, उनकी पत्नी बबीता और बेटे आशीष निवासी भोजी खालसा के खिलाफ मारपीट की प्राथमिकी दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।