माई सिटी रिपोर्टर
जलमाना। असंध खंड क्षेत्र के दनौली ग्राम पंचायत कभी नशे के लिए बदनाम रही। अब यहां के युवाओं व बुजुर्गो ने गांव को नशा मुक्त करने का मन बना लिया है। इसी शृंखला में सुबह सात बजे से शाम तक चली गणमान्य नागरिकों की बैठक में आखिरकार, सरपंच पद के साथ साथ पंचों व ब्लाक समिति के सदस्य पद पर भी आम सहमति बन गई। एक कागज पर हस्ताक्षर करके ग्रामीणों ने सर्व सम्मति से सरपंच आदि जनप्रतिनिधियों को चुना तय किया। जिसके चुनाव अधिकारियों को बताया जाएगा। यदि ग्रामीण अपने निर्णय पर अटल रहे तो कंवलजीत कौर यहां की नई सरपंच होंगी। जो गांव को विकसित करने के साथ साथ नशा मुक्त करने का भी प्रयास करेंगी।
ग्राम पंचायत दनौली की आबादी करीब पांच हजार है और मतदाता 2500 के करीब हैं। ग्रामीण बताते हैं कि कुछ साल पहले गांव में नशा अधिक फैलने से गांव की बदनामी होती थी। लेकिन यहां के लोगों ने किसान आंदोलन के दौरान किसानों को एकजुटता के साथ आंदोलनकारी किसानो को लंगर पहुंचाने का कार्य किया। गांव में ऐसी एकता बनी कि यहां के युवाओं ने गांव को नशा मुक्त बनाने का संकल्प ले लिया। अब पंचायत चुनाव आ गए हैं। यहां के ग्रामीण चाहते हैं कि उनकी एकता बनी रहे, एकता के बल पर भी वह अपने गांव को नशा मुक्त बनाकर विकास के पायदान पर आगे ले जाएं। युवाओं की एक 11 सदस्यीय कमेटी भी है जो लगातार इसके लिए प्रयासरत है। अब युवाओं व बुजुर्गो ने स्थानीय गुरुद्वारे में सोमवार की सुबह सात बजे एक बैठक बुलाई। जिसमें सभी ने अपने अपने विचार रखे। एक विचार आया कि गांव में युवाओं को नशे से दूर करने में बूटा सिंह ने काफी प्रयास किया है, इसलिए इनके परिवार को ही सरपंच की कुर्सी दी जानी चाहिए। इस पर सभी राजी हो गए। सरपंच की सीट महिला के लिए आरक्षित है, इसलिए बूटा सिंह की पुत्रवधू कंवल जीत कौर के नाम पर सहमति बनी। इसके बाद ग्राम पंचायत में 10 पंच पदों पर चर्चा हुई तो बारी बारी से सभी के परिवार तय कर दिए गए। उनके परिवारों से कहा गया कि वह आरक्षण के अनुसार अपने वार्ड से अपने परिवार के किसी सदस्य के नाम दें, उसे पंच चुन लिया जाएगा। इसके बाद ब्लाक समिति के वार्ड सदस्य पर चर्चा हुई तो इसमें सरदार निशान सिंह के नाम पर सहमति बनी।
पंचायत में मुख्य रूप से बूटा सिंह, बाबा हरदेव सिंह, अंग्रेज सिंह, चन सिंह, बलदेव सिंह, बलिहार सिंह, गुरमुख सिंह, साहब सिंह, मेहर सिंह आदि सभी जाति विरादरी के लोगों ने सहभागिता की।
अभी ये निर्णय ग्रामीणों की आपसी पंचायत में हुआ है, इसे अली जामा पहनाने के लिए ग्राम पंचायत चुनाव से संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा।