करनाल। जिले के इतिहास में ऐसा पहली बार होगा कि आधी आबादी मानी जाने वाली महिलाओं के हाथ में भी गांव की आधी चौधर होगी। इस बार चुनावों में पंच, सरपंच से लेकर ब्लाक समिति और जिला परिषद के सदस्य मिलाकर 47.8 प्रतिशत पदों पर केवल महिला ही जनप्रतिनिधि बनेंगी। इनमें सामान्य के अलावा एससी और बीसी श्रेणी की महिलाओं को भी अवसर मिलेगा।
आंकड़ों पर नजर डालें तो जिले में पंच से लेकर जिला परिषद सदस्य तक कुल 4521 पद हैं। जिनमें से 2160 पद महिला आरक्षित हैं। ऐसे में इन पर केवल महिला उम्मीदवार ही चुनाव लड़ सकती है। इनमें भी 1363 पद सामान्य श्रेणी की महिला के हैं। जबकि 544 एससी और 253 बीसी श्रेणी की महिला के लिए आरक्षित हैं।
जिले में कुल 395 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 193 में महिला का सरपंच बनना तय है। जबकि इन ग्राम पंचायत में वार्डों के हिसाब से 1859 महिला पंच भी चुनी जाएंगी। वहीं ब्लॉक समिति के 200 पदों में से 96 और जिला परिषद के 25 पदों में से 12 पर महिलाओं का कब्जा रहेगा। जिला परिषद में एससी महिला के लिए तीन वार्ड और बीसी के लिए एक भी वार्ड आरक्षित नहीं हैं। ब्लॉक समिति में एससी महिला के 22 और बीसी के 12 वार्ड रिजर्व हैं। इसी तरह सरपंच के लिए एससी के 47 और बीसी के 14 व पंच के एससी के 472 और बीसी के 227 पद आरक्षित हैं। डीडीपीओ राजबीर का कहना है कि जो वार्ड जिनके लिए आरक्षित है, उस सीट पर केवल उसी श्रेणी से ही चुनाव लड़ा जा सकता है। ब्यूरो
ये है आरक्षण की स्थिति
पद महिला पुरुष कुल
सरपंच 193 202 395
पंच 1859 2042 3901
ब्लॉक समिति 96 104 200
जिला परिषद 12 13 25
कुल 2160 2361 4521
श्रेणी अनुसार महिला के इतने पद
पद एससी बीसी सामान्य
सरपंच 47 14 132
पंच 472 227 1160
ब्लॉक समिति 22 12 62
जिला परिषद 03 00 09
कुल 544 253 1363
श्रेणी अनुसार पुरुष के इतने पद
पद एससी बीसी सामान्य
सरपंच 51 19 132
पंच 479 273 1290
ब्लॉक समिति 27 14 63
जिला परिषद 03 03 07
कुल 560 309 1492