संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। इंसान सतगुरु की कृपा से जीते जी परमात्मा की प्राप्ति करके मुक्ति का हकदार बन सकता है। यह बात नीलोखेड़ी से पहुंचे सतपाल महाराज ने व्यक्त किए। वे रविवार को संत निरंकारी सत्संग भवन जुंडला में आयोजित बाल समागम में पहुंचे थे। समागम में जुंडला शाखा के बच्चों ने संगीत, कविताओं, विचारों और नृत्य के माध्यम से ब्रह्मज्ञान, प्रेम, दया आदि गुणों का संदेश दिया। सतपाल महाराज ने कहा कि बिना सतगुरु के सच्चा रास्ता मिलना मुश्किल है। क्योंकि संसार में ऐसे रास्ते हैं, जहां पर व्यक्ति भटक ही जाता है।
व्यक्ति को पता ही नहीं चलता कि कौन सा रास्ता सही है, उसका पूरा जीवन भटकाव में ही निकल जाता है लेकिन जो गुरु की शरण में आ जाते हैं, गुरु की भक्ति करते हैं, उनके बताए सद्मार्ग पर चलते हैं तो वह अपनी वास्तविक मंजिल तक पहुंच जाते हैं। मुक्ति को पा लेते हैं। यहीं मानव जीवन का वास्तविक उद्देश्य होता है। इस अवसर पर ब्रांच जुंडला के मुखी महात्मा विनोद, गांव जुंडला के सरपंच सतीश नरवाल, मास्टर श्याम लाल, मास्टर सोहन लाल, डॉ़ कृष्ण, संचालक जसमेर और शिक्षक सुरेश कुमार आदि मौजूद रहे।