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Karnal News: रोडवेज की डीलक्स एसी और इलेक्ट्रिक बस में कर सकेंगे सफर

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गगन तलवार
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करनाल। रोडवेज के बेड़े में सामान्य बसों के बढ़ने के बाद अब डीलक्स एसी और इलेक्ट्रिक बसों को करनाल डिपो में शामिल करने की तैयारी हो गई है। इससे बसों का बेड़ा बढ़ने के साथ आधुनिक होगा। वहीं यात्रियों को भी बेहतर परिवहन सेवाएं मिल पाएंगी। इसके साथ ही जिले में वायु प्रदूषण स्तर और रोडवेज में होने वाले डीजल की खपत भी घटेगी। विभाग की योजना के अनुसार, 10 डीलक्स एसी और 100 इलेक्ट्रिक बसें करनाल को मिलेंगी।

डीलक्स बसों के लिए रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जा चुकी है, ये बसें करनाल से संचालित हो रहे अंतरराज्यीय मार्ग पर ही चलाई जाएंगी, जबकि इलेक्ट्रिक बसों के लिए परिवहन विभाग और एजेंसी की ओर से जिले का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे में एजेंसी के प्रतिनिधि जिले की आबादी के अलावा करनाल डिपो से चल रहे स्थानीय एवं ग्रामीण मार्गों पर यात्रियों की स्थिति, किस मार्ग पर यात्रियों का दबाव ज्यादा है या कहां और किन दिनों में इलेक्ट्रिक बसों की जरूरत पड़ती है। वर्तमान में करनाल डिपो से वैष्णो देवी, हरिद्वार, खाटू श्याम और दिल्ली को मिलाकर 20 से ज्यादा अंतरराज्यीय मार्ग और 70 से ज्यादा स्थानीय मार्ग पर रोडवेज की बसें चल रही हैं। ब्यूरो
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तीन हजार लीटर डीजल की खपत घटेगी

रोडवेज के बेड़े में शामिल सभी 148 बसों के संचालन के लिए रोजाना आठ हजार लीटर डीजल की खपत होती है। इसमें से करीब तीन हजार लीटर डीजल ग्रामीण मार्गों पर चलने वाली बसों में खर्च होता है। यदि इन बसों की जगह इलेक्ट्रिक बसें चलाई जाएंगी तो जिले में खपत होने वाला तीन हजार लीटर डीजल बचेगा, साथ ही वायु भी प्रदूषित होने से बचेगी और बसों की संख्या भी बढ़ेगी।



औसतन खराब रहती है जिले की हवा

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, करनाल में कई बार एक्यूआई (वायु गुणवत्ता सूचकांक) 500 से ज्यादा हो जाता है। दीपावली और फसल कटाई के समय में लगने वाली आग के कारण पूरे वर्ष करीब तीन माह वायु स्थिति खराब रहती है। जबकि करनाल में बरसात के दिनों को छोड़ दें तो औसतन 200 से ज्यादा एक्यूआई रहता है। 200 से 300 के बीच एक्यूआई खराब स्थिति में माना जाता है।



लंबे मार्ग पर गर्मी में एसी बसों की जरूरत

वर्तमान में खाटू श्याम और अमृतसर सहित अन्य लंबी दूरी के मार्गों पर गर्मी के कारण यात्रियों की संख्या घटी है। ज्यादातर लोग अपने एसी वाहनों या रेल में सफर करना पसंद कर रहे हैं। डीलक्स एसी बसें शामिल होकर इन मार्गों पर दौड़ेंगी तो यात्रियों की सुविधा बढ़ेगी। योजना के अनुसार, इलेक्ट्रिक बसों में एसी बसें भी आएंगी, इससे स्थानीय सफर करने वाले यात्रियों को गर्मी में राहत मिलेगी।
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वर्जन

डीलक्स 10 बसों की मांग मुख्यालय को भेज दी है। इलेक्ट्रिक बसों के लिए सर्वे किया जा रहा है। दो सप्ताह में सर्वे पूरा होने की उम्मीद है। इलेक्ट्रिक बसें मिलने से परिवहन व्यवस्था आधुनिक हो जाएगी। -कुलदीप सिंह, जीएम रोडवेज
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