करनाल। आम आदमी की शिकायत पर काम होना तो दूर की बात सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक में जारी हुए निर्देशों को भी अधिकारी गंभीरता से नहीं लेते। लिहाजा इस लापरवाही का खामियाजा लोगों को परेशानियों के रूप में भुगतना पड़ता है। सर्दी और कोहरे का आगाज हो चुका है। ऐसे में हाईवे तो दूर शहर की सड़कों को भी रोड इंजीनियरिंग से जुड़े विभागों के अधिकारी दुरुस्त नहीं कर पाए। धुंध में लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मजबूरन खतरे भरा सफर तय करना पड़ रहा है।
यह हालात भी तब हैं जब पिछले दिनों हुई सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक में उपायुक्त ने सख्ती से अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि धुंध का मौसम आने से पहले सड़कों को दुरुस्त करके इन पर सफेद पट्टी भी लगवाना सुनिश्चित करें। ताकि लोगों को रात व धुंध के मौसम में सफर तय करने में परेशानी न हो। लेकिन इन निर्देशों को जारी हुए 20 दिन बाद भी काम होना तो दूर इस दिशा में प्रयास भी शुरू नहीं हुआ है। करनाल शहर के अंदर की लगभग प्रत्येक सड़के से सफेद पट्टियां गायब हैं। ज्यादातर जगहों पर पिछले साल बनी पट्टी मिट चुकी है जो रात में दिखाई नहीं पड़ती। विदित हो कि वर्ष 2023 में कोहरे के कारण करनाल शहर में 70 से ज्यादा सड़क हादसे हुए थे, इसके बावजूद अधिकारी गंभीर नहीं हैं।
गत वर्ष धुंध के मौसम में यहां हुए ज्यादा हादसे
- सेक्टर-12 रोड पर नौ
- सेक्टर-14 रोड पर आठ
- काछवा और कैथल रोड रेलवे ओवरब्रिज पर 15
- अग्रसेन चौक से बलड़ी चौक तक रोड पर 20
- माल रोड पर सात
इन सड़कों पर नहीं है सफेद पट्टी
- काछवा रोड
- काछवा रेलवे ओवरब्रिज
- कैथल राजमार्ग नहर पुल
- कैथल रोड पुल से नहर पुल तक
- रेलवे रोड
- रामगढ़िया मार्ग
- पुरानी सब्जी मंडी से परशुराम चौक
- सेक्टर-12 रोड अस्पताल चौक
- आईटीआई चौक से एनडीआरआई चौक
- लघु सचिवालय से आईटीआई चौक रोड तक
- सेक्टर-8, 7, 6, 4, 14, 13, 12 और 32