संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। प्रेम नगर स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से रजनी ने 95.4 प्रतिशत अंक हासिल किए। रजनी ने बताया कि उसने सेल्फ स्टडी से ये अंक हासिल किए हैं। उसने बताया कि वे चार बहनें और एक भाई हैं जिनकी जिम्मेदारी उनके कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे पिता उठा रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनके पिता पंजाब शहर में बीमार रहते हुए दिहाड़ी कर घर का खर्चा चला रहे हैं।
रजनी ने बताया कि उसकी बड़ी बहन की पढ़ाई कोरोना समय में उनके पिता को कैंसर होने का पता चलने पर छूट गई। वह होनहार थी। रजनी ने बताया कि बड़ी बहन का तो सपना पूरा नहीं हो पाया लेकिन अब उसके पिता चाहते हैं कि बड़ी बहन के सपनाें को वह पूरा करे। रजनी ने कहा कि जब उसे पिता की बीमारी के बारे में पता चला तभी से उसने डॉक्टर बनने की ठान ली। रजनी का कहना है कि सभी लड़कियों को आगे बढ़ने के मौके कम मिलते हैं, इसमें कोई भी वजह हो सकती है, लेकिन जिस किसी को भी यह मौका मिलता है उसे व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए।