- सभी वार्डों में नंबर बदलने से मतदाताओं को आई परेशानी, वोट डालने में हुई देरी तो कई बिना मतदान लौटे
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। निकाय चुनाव में मतदान को लेकर जहां लोगों में उत्साह दिखा, लेकिन बूथों के अचानक बदले नंबर और मतदान पर्चियां न होने से लोगों को परेशानी हुई। कई लोग तो बिना मतदान के ही परेशान होकर घर लौट गए तो वहीं कई लोग ऐसे भी दिखे जिनके पास पर्चियां तो थी, लेकिन बूथ पर उनका नंबर बदला हुआ मिला। ऐसे में उन्हें दिक्कतें झेलनी पड़ी। ज्यादातर वार्डों में लोगों को यह दिक्कत सामने आई।
स्थिति यह थी कि जिला प्रशासन की ओर से इस बार हर घर में मतदाता पहचान बूथ पर्चियां नहीं भेजी गईं। बल्कि प्रत्याशियों ने ही अपने स्तर पर मतदाता पर्चियां तैयार करके लोगों के घरों में भेजी गई थीं। लेकिन चुनाव से एक दिन पहले ही बूथों के नंबर बदलने से लोगों को भेजी गईं पर्चियां व्यर्थ हो गईं। क्योंकि पर्ची पर उनका पुराना बूथ नंबर था, जबकि सुबह बूथों के नंबर बदले मिले। ऐसे में लोग बूथों पर भटकते नजर आए।
पर्चियां न मिलने पर लोगों ने प्रत्याशियों के बस्ते पर दस्तक दी। यहां बस्तों पर लगी लिस्ट में अपना नाम खंगालते दिखाई दिए। इसके अलावा यहां बैठे कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की मोबाइल एप पर जांच के बाद उन्हें बूथ नंबर और भाग संख्या आदि लिखते हुए पर्चियां बनाकर दी, इसके बाद मतदान किया। वहीं, कई लोगों के मतदाता सूची में भी नाम नहीं मिले। ऐसे में वे बिना वोट ही घर लौटे। लाइनपार क्षेत्र में प्रेमनगर, रामनगर, शिव कॉलोनी, पुराना शहर क्षेत्र में सदर बाजार, जाटो गेट, मीरा घाटी चौक और सेक्टरों में राजकीय पीजी कॉलेज, सनातन धर्म मंदिर स्कूल, मॉडल टाउन समेत अन्य बूथों पर लोग बिना मतदाता पर्ची के ही मतदान करने पहुंचे।
डेढ़ से दो घंटे तक भटके लोग
लोगों ने दोपहर को एक बजे से ढाई बजे तक मतदाता पर्ची बनवाने के लिए अलग-अलग बूथों पर चक्कर काटे। लोगों ने शिकायत की कि प्रशासन द्वारा दावा किया गया था कि मतदाताओं की पर्चियां उनके घर पर भेजी जाएंगी, लेकिन पर्चियां घर पर नहीं पहुंची। जवाहर मार्केट निवासी अमृत, प्रीति, आंचल और सदर बाजार के हरी ओम ने बताया कि उनकी पर्ची घर पर नहीं आई। इसके अलावा शंकर, विवेक ने बताया कि उनका नाम सूची में नहीं था।