- डिपो होल्डर बोले- सीट बदलने से भ्रष्टाचार नहीं होगा कम, कार्रवाई जरूरी
- सहकारिता मंत्री के संज्ञान में जा चुका मामला, 31 डिपो होल्डर एक साथ दे चुके त्यागपत्र
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कॉन्फैड में कार्यरत अकाउंटेंट पर भ्रष्टाचार, रिश्वतखोरी के आरोप लगाने और कार्रवाई न होने से नाराज डिपो होल्डरों ने विरोध स्वरूप मंगलवार को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के कार्यालय में जाकर अपनी पीओएस मशीनें रख दीं। तभी विभाग अधिकारियों ने बताया कि खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक ने अकाउंटेंट की सीट को बदल दिया है। अब वे कॉन्फैड कार्यालय के बजाए खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक कार्यालय में ही सेवाएं देंगे। अधिकारियों के इस आश्वासन पर भी डिपो होल्डर नहीं मानें।
उन्होंने कहा कि ऐसे कर्मचारी की सीट बदलने से कोई समाधान नहीं होगा, न ही उनका तबादला होने से भ्रष्टाचार रुकेगा। ऐसे कर्मचारी पर केवल विभागीय कार्रवाई ही इस भ्रष्टाचार की चेन को तोड़ सकती है। हालांकि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर की गुजारिश पर नाराज डिपो होल्डरों ने अपनी मशीनें तो वापस ले ली, लेकिन विभाग की इस सीट बदलने की कार्रवाई से वे असंतुष्ट दिखे।
गौरतलब है कि 31 डिपो होल्डरों ने अकाउंटेंट पर रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार के आरोप लगा एक साथ सामूहिक इस्तीफा दिया था। आरोप था कि अकाउंटेंट डिपो होल्डरों से हर काम के बदले रिश्वत लेता है। यहां तक कि उनके मेहनताने से भी कमीशन की मांग की जाती है। इसी वजह से उनके मानदेय को भी रोक दिया गया था। इसे लेकर नाराज डिपो होल्डर खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक से भी मिले थे। माना जा रहा है कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग में भ्रष्टाचार के इन आरोपों के बाद अब सरकार कोई बड़ा कदम उठा सकती है।
पहले हो चुका है चार्जशीट
शिकायतकर्ता विकास का दावा है कि असंध में नियमों के विरुद्ध डिपो बनाने को लेकर भी अधिकारी चार्जशीट हो चुका है। ऐसे ही नंगला में गलत तरीके से डिपो बनाने को लेकर भी चार्जशीट हो चुका है। इस मामले को भी उन्होंने ही उठाया और शिकायत दी। बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शिकायतकर्ता का कहना है कि वे विभाग की सीट बदलने वाली कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं।