फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Karnal News: लापरवाही से खराब हुआ गेहूं, होगी सख्त कार्रवाई

विज्ञापन
विज्ञापन
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

करनाल। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के खराब गेहूं को लेने से इन्कार करने के बाद खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की लापरवाही सामने आई है। सीएम फ्लाइंग की टीम को हजारों बैग बिना रिकॉर्ड के मिले हैं। दूसरी ओर खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले नियंत्रक (डीएफएससी) का दावा है कि गेहूं के सभी बैग के रिकॉर्ड है। तिरपाल और कीटनाशक दवा देरी से मिलने के कारण गेहूं खराब हो गया है। जांच की जा रही है। जितनी बड़ी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ उतनी ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि पिछले दिनों जब गेहूं को एफसीआई भेजा गया तो गेहूं खराब होने के कारण एफसीआई ने रिजेक्ट कर दिया। इसकी शिकायत भी विभागीय अधिकारियों से की तो सीएम फ्लाइंग ने छापा मारकर तरावड़ी क्षेत्र के तीन राइस मिलों के विभिन्न गोदामों पर जांच शुरू की। यहां रखरखाव की जिम्मेदारी खाद्य आपूर्ति निरीक्षक सुरेंद्र सैनी, अशोक व एएफएसओ राजीव कुमार की थी।
विज्ञापन

सीएम फ्लाइंग के निरीक्षक शेर सिंह ने बताया कि जो रिपोर्ट मुख्यालय भेजी है, उसमें उपरोक्त अधिकारियों पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। विभाग इन पर कार्रवाई करता है या नहीं, ये उसे ही तय करेगा। तरावड़ी के विभिन्न गोदामों में पांच लाख सात हजार 430 गेहूं भरे बैग लगाए गए थे। इसमें से करीब 36 हजार बैग उठवा लिए गए थे। शेष चार लाख 71 हजार से अधिक बैग यहां लगे हैं, जिसमें से अधिकतर खुले में रखने से भीगने के कारण और कीड़े लग जाने के कारण खराब हो चुके हैं। कुल कितने का नुकसान हुआ है, अभी इसका सही आंकलन नहीं हो सका है लेकिन नुकसान ढाई से तीन करोड़ रुपये से भी अधिक का होने का अनुमान है।
रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि यहां ऐसा गेहूं भी मिला है, जिसके बारे में एफसीआई को भी जानकारी नहीं दी गई थी। जिसका रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है। ये वर्ष 2018 से 2025 के बीच का बताया जा रहा है, जो न ढ़का गया है और न ही दवा लगाई गई, जिससे वह खराब हो रहा है। गेहूं का उठान करने गई एफसीआई की टीम को केसी राइस मिल में 666 बैग पूरी तरह खराब मिले हैं। किसान राइस मिल में भी यही स्थिति मिली। तीन गोदामों में गेहूं खुले में रखा गया है। 2025-26 के गेहूं में भी करीब 600 बैग खराब पाए गए हैं। रिहान इंटरनेशनल गोदाम में 1500 बैग वर्ष 2021-22 के मिले, जिनका कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराया गया है, इस तरह कुल मिलाकर 25 हजार बैग का रिकॉर्ड फिलहाल उपलब्ध नहीं हो पाया है। जिसकी कीमत करोड़ों में है।
कोई गेहूं बिना रिकॉर्ड नहीं : डीएफएससी
डीएफएससी अनिल कुमार का कहना है कि बिना रिकॉर्ड के कोई गेहूं नहीं मिला है। सरकार से ही विभाग को तिरपाल देर से मिले थे, जिससे गेहूं भीग गया था, दवा भी देरी से विभाग को दी गई थी, जिसके कारण गेहूं में कीड़े लग गए। गेहूं की ऊपरी व निचली परत भीगने से और कुछ कीड़े लगने से खराब हुई है। पूरा गेहूं खराब नहीं हुआ है, उसे छांटकर उठान कराया जाएगा। गेहूं खराब होने में जिसकी जितनी लापरवाही मिलेगी, उसके खिलाफ उतनी ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

निरीक्षक पर दर्ज हो चुकी है एफआईआर
तरावड़ी में गेहूं का रखरखाव करने की जिम्मेदारी जिस खाद्य आपूर्ति निरीक्षक सुरेंद्र सैनी पर थी, उन पर लापरवाही का ये मामला पहला नहीं है, उनके खिलाफ पानीपत जिले में भी पिछले सालों में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। कुल मिलाकर अब ये बड़ा खुलासा होने पर शीघ्र ही बड़ी कार्रवाई संभावित है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें