माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। शनिवार सुबह हुई बारिश से ठंड लौट आई। वहीं, कई गांवों में बारिश के साथ ओले भी गिरे। तेज हवाओं और बारिश से खेतों में गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। मौसम विभाग की मानें तो अगले छह दिन तक बादल छाए रहेंगे और बारिश की भी संभावना है। सुबह नौ बजे रिमझम बारिश शुरू हुई, जिसके कुछ देर बाद करीब 15 मिनट तक तेज बारिश हुई। रुक-रुक कर तेज बारिश का सिलसिला कई बार चला। आगे की बारिश जारी रहने का अनुमान है। इस दौरान अधिकतम तापमान 28 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच , जबकि न्यूनतम तापमान 15 से 16 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा।
अगेती गेहूं की फसल तैयार
निसिंग। बेमौसम बारिश के कारण किसानों की फसलों को काफी नुकसान पहुंचा। किसानों ने बताया कि कई गांवों में ओलावृष्टि हुई है। अगेती गेहूं की फसल करीब पककर तैयार है। बारिश हाेने से गेहूं की बालियों में अनाज की गुणवत्ता एवं वजन हल्का हो जाता है। जिन किसानों ने पछेती गेहूं की फसल में पानी दिया था। वह फसलें खेत पर बिछ गईं। पिछली बार भी धान की कटाई के समय बारिश से नुकसान हुआ था। अब गेहूं की फसल के दौरान भी फसल पकने के समय बारिश और ओलावृष्टि से काफी नुकसान पहुंचा है। संवाद
बारिश एवं तेज हवाओं ने किसानों के सोने की पैदावार होगी कम
मूनक। सुबह बारिश के साथ तेज आंधी से गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई। किसानों का कहना है कि तैयार हुई फसल में वजन पड़ने से जड़ें हिल गईं। पैदावार में भी कमी आएगी। किसान राजन ,जगदीश, रामफल, भगतराम, सुशील, दिनेश, जॉनी ने बताया कि अब गेहूं की फसल के लिए बारिश नुकसानदायक है। जिन किसानों ने अभी पानी दिया, उन किसानों की तेज हवा आने से गेहूं की फसल गिर गई । अगर और बारिश हुई तो काफी नुकसान होगा। संवाद
सरसों की फसल को भी नुकसान
इंद्री। बेमौसम बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर शनिवार को पानी फेर दिया। किसानों का कहना है कि गेहूं के साथ ही सरसों की फसल को भारी नुकसान हुआ है। किसान हुक्मचंद, विजय, रामकुमार और श्याम लाल का कहना है कि बेमौसम बरसात से सरसों की फसल को नुकसान हुआ है। गेहूं की पछेती फसल को भी काफी नुकसान हुआ। संवाद
कटी सरसों की थ्रेसर से निकलवाई का काम रुका
जुंडला। बे मौसमी बरसात ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। एक तरफ खेतों में फसल पककर तैयार है, दूसरी ओर बारिश आने से किसानों की सांसें फूल रही हैं। गांव कतलाहेड़ी में सुबह हल्की बारिश के बाद दिन के 11 बजे तेज बारिश हुई। जिससे फसल जमीन पर बिछ गई। किसान प्रदीप राणा, सोनू राणा, सहदेव राणा, नीरज राणा ने बताया कि इससे फसल के उत्पादन में कमी आएगी। पशुओं के लिए बनने वाले तूड़े में भी भूमि की मिट्टी मिक्स होगी। कतलाहेड़ी के अलावा गांव बांसा, प्योंत, खेड़ी नूरू, पिचौलिया, जाणी, जुंडला, अंगौद, हथलाना, दादूपुर, मंजूरा, चिड़ाव आदि में बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कटी हुई सरसों की थ्रेसर से निकलवाई का काम रुक गया है अगर अगले कुछ दिन ऐसे ही बारिश होती है तो सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। संवाद