माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। तमिलनाडु तट से टकराए साइक्लोन दित्वाह और उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के संयुक्त प्रभाव ने उत्तर भारत के करनाल तक के मौसम में अचानक बदलाव ला दिया है। आने वाले दिनों में ठंडी हवा के चलते मौसम का मिजाज बदलने की संभावना जताई जा रही है। रविवार को शहर का न्यूनतम तापमान 9 डिग्री दर्ज किया गया। अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहा। एक सप्ताह में तापमान में बदलाव हो सकता है।
मौसम विभाग के मुताबिक तमिलनाडु में आए साइक्लोन दित्वाह ने दक्षिण भारत में भारी बारिश और तेज हवाओं के बाद उत्तर भारत के मौसम तंत्र पर भी अप्रत्यक्ष प्रभाव डाला है। इसके साथ ही पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से यहां में तापमान में बदलाव की स्थिति बनी हुई है। पिछले दो दिनों से सुबह-शाम ठंडक बढ़ने लगी है, जबकि दिन में धूप भी निकल रही है। विभाग के अनुसार आने वाले दो से तीन दिनों में अधिकतम तापमान 1–2 डिग्री तक बढ़ और घट सकता है। रात में ठंडक रहेगी। बादल छाए रह सकते हैं। बरसात की संभावना बहुत कम है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण से उठी नमी और पश्चिमी विक्षोभ की ठंड हवा की वजह से करनाल में तापमान ऊपर-नीचे होने की स्थिति बनेगी, जिससे लोगों को सुबह-शाम ठंड और दिन में हल्की गर्माहट का मिश्रित अहसास होगा।
ऐसा रहेगा मौसम
दिनांक - न्यून. अधि. तापमान अनुमान
1 दिसंबर 8.0
23.0
आसमान साफ रहेगा
2 दिसंबर
8.0
24.0
बादल छाए रह सकते हैं
3 दिसंबर
8.0
23.0
आसमान साफ रहेगा
4 दिसंबर
8.0
23.0
बादल छाए रह सकते हैं
5 दिसंबर
8.0
24.0
आसमान साफ रहेगा
6 दिसंबर
9.0
24.0
आसमान साफ रहेगा
तापमान डिग्री सेल्सियस में
निगम कार्यालय के सामने ही जल रहा कूड़ा
जहां मौसम बदल रहा है वहीं शहर का प्रदूषण स्तर लगातार चिंताजनक बना हुआ है। इधर बेपरवाही जारी है। रविवार को निगम कार्यालय के सामने ही मॉल के पास पड़े कूड़े और उसके आसपास उगी झाड़ियों में आग लगा दी गई। आग से निकले काले धुएं के गुबार आसपास के क्षेत्र में देर तक मंडराते रहे। इससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने की शिकायतें भी मिलीं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि कूड़ा जलाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन निगम अब तक ऐसी हरकत करने वालों पर कोई नकेल नहीं कस पा रहा है। शहर की वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ती जा रही है। इस महीने 21 दिन हवा दूषित स्तर पर रही, जबकि महज नौ दिन ही एक्यूआई 200 से नीचे दर्ज किया गया। रववार को करनाल का एक्यूआई 134 दर्ज किया गया। कूड़ा जलाने से निकला धुआं, सड़कों की धूल, खुले में उठता कचरा और वाहन प्रदूषण लगातार हवा की गुणवत्ता को को खराब कर रहे हैं। पश्चिमी विक्षोभ के बाद हवा में नमी बढ़ने से धुआं और प्रदूषक कण जमीन के करीब जमा होने लगते हैं, जिससे प्रदूषण और ज्यादा महसूस होता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. अभिनव डागर का कहना है कि अगर कूड़ा जलाने पर सख्ती और प्रदूषण नियंत्रण की कार्रवाई तेज नहीं की गई, तो आने वाले दिनों में हालात और भी चिंताजनक हो सकते हैं।