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Karnal News: टूटे और काई लगे कैंपरों में आता है पानी, शुद्ध समझकर पी रहे लोग

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 कैंपर.... सेक्टर 12 में एक दुकान पर आया पानी का टूटा हुआ कैंपर। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। नलों में गंदे पानी के आने से शहर में पीने के पानी का कारोबार बढ़ता जा रहा है। लेकिन यह कारोबार पूरी तरह से बेलगाम है। कैंपर में जो पानी पीने के लिए आपको दिया जा रहा है उसकी शुद्धता की कोई गारंटी नहीं है। जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। लोगों का कहना है कि कई बार कैंपरों में काई लगी मिलती है। पानी में बदबू आती है। शिकायत करते हैं लेकिन नलों में आ रही गंदगी के कारण कैंपर के पानी का प्रयोग मजबूरी है।
पानी कैंपर (वॉटर टैंकर) उद्योग पूरी तरह से बेलगाम हो चुका है। शहर में सैकड़ों की संख्या में पानी के कैंपर की बिक्री रोजाना हो रही हैं। टूटे हुए और काई लगे कैंपरों में जल की आपूर्ति होती है, जिसे लोग शुद्ध पानी समझकर पी रहे हैं। नगर निगम में एक भी कैंपर सप्लायर का पंजीकरण नहीं है। बिना किसी वैधानिक अनुमति के न केवल पानी की सप्लाई की जा रही है, बल्कि भू-जल का बेलगाम दोहन भी किया जा रहा है।
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20 से 40 रुपये में बिक रहा कैंपर का पानी

शहर में पानी का एक कैंपर 20 रुपये से लेकर 40 रुपये में मिलता है। अनुमान है कि शहर में 10 हजार से ज्यादा घरों और दुकानों में रोजाना पानी कैंपर के माध्यम से सप्लाई हो रहा है। कई बाजारों, कॉलोनियों और पुराने शहर के इलाकों में लोग पूरी तरह कैंपर के पानी पर निर्भर हो चुके हैं। पानी कैंपर संचालक अधिकतर मामलों में बिना किसी अनुमति के ट्यूबवेल या बोरवेल से पानी भर रहे हैं। न तो भू-जल प्राधिकरण की एनओसी है और न ही नगर निगम की अनुमति। शहर पहले ही भू-जल के अत्यधिक दोहन की श्रेणी में आता है, ऐसे में यह अवैध गतिविधि भविष्य के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।

स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा

बिना जांच-पड़ताल के आपूर्ति किए जा रहा पानी डायरिया, टाइफाइड, उल्टी-दस्त और पेट संबंधी बीमारियों का कारण बन सकता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक मानी जा रही है। कैंपर के पानी की गुणवत्ता की जांच नहीं हो रही है। किसी एजेंसी ने कभी नमूने नहीं लिए।


लोगों की पीड़ा

-नलों में आ रहा पानी इतना गंदा आता है कि पी नहीं सकते। मजबूरी में कैंपर का पानी मंगवाना पड़ता है। अब ये भी नहीं पता कि ये पानी साफ है या नहीं। - रोहताश

-बच्चों को वही पानी पिलाते हैं जो कैंपर वाला देता है। कभी-कभी पानी में बदबू आती है, डर लगता है। नगर निगम को साफ पानी की आपूर्ति करनी चाहिए। - ईशा कपूर

-दिनभर ग्राहकों के लिए पानी रखना पड़ता है। नल से पानी कभी आता है, कभी नहीं। रोज कैंपर मंगवाते हैं। पैसा ज्यादा लग रहा है और भरोसा भी नहीं है। - भूषण अरोरा

-पहले नल का पानी पी लेते थे, अब हालात खराब है। मजबूरी में कैंपर का पानी पीना पड़ रहा है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए, नहीं तो बीमारियां फैलेंगी। - अजय कुमार
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शहर में आरओ प्लांट का निरीक्षण कराया जाएगा। जांच में खामी मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। इनके पंजीकरण और एनओसी की भी जांच करेंगे। - सतीश शर्मा, एक्सईएन नगर निगम
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