करनाल। सफाई व्यवस्था का संकट और गहरा गया है। करीब एक माह से हड़ताल पर चल रहे सफाई कर्मचारियों ने आंदोलन को तीन दिन और बढ़ा दिया है। कर्मचारियों ने नौ सितंबर तक हड़ताल का एलान किया है। इधर सड़क किनारे, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर लगे कूड़े के ढेर परेशानी बढ़ा रहे हैं। कचरे से दुर्गंध फैल रही है। लोगों को संक्रमण का डर सता रहा है।
नगर निगम प्रशासन ने कर्मचारियों को हड़ताल समाप्त कर काम पर लौटने की चेतावनी दी थी। काम पर नहीं लौटने पर कार्रवाई की बात कही गई थी। सफाई कर्मचारियों ने प्रशासन की चेतावनी को दरकिनार करते हुए हड़ताल जारी रखने का फैसला किया। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस समाधान नहीं निकलता, आंदोलन जारी रहेगा।
हड़ताल को समाप्त कराने के लिए सोमवार को निगम प्रशासन की ओर से कर्मचारियों से बातचीत किए जाने की संभावना है। अगर बातचीत में सहमति नहीं बनती और कर्मचारी काम पर लौटने से इन्कार करते हैं तो प्रशासन पहले दी गई चेतावनी के अनुसार कार्रवाई पर निर्णय ले सकता है।
वैकल्पिक व्यवस्था नाकाफी
नगर निगम की ओर से सफाई व्यवस्था को संभालने के लिए वैकल्पिक इंतजाम किए जा रहे हैं। ये नाकाफी साबित हो रहे हैं। कर्मचारियों की बड़ी संख्या में हड़ताल पर होने के कारण शहर से रोजाना निकलने वाले कूड़े का नियमित उठान नहीं हो पा रहा।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन
नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला प्रधान राजकुमार का कहना है कि कर्मचारी अपनी मांगों के समाधान के लिए लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। केवल कार्रवाई की चेतावनी देने से समस्या का समाधान नहीं होगा। सरकार और प्रशासन को कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर ठोस निर्णय लेना चाहिए। मांगों पर सकारात्मक फैसला होने के बाद ही हड़ताल समाप्त करने पर विचार किया जाएगा।
करनाल। नगर पालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश शास्त्री रविवार को करनाल पहुंचे। उन्होंने हड़ताल को 9 सितंबर तक बढ़ाने के साथ 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में जन न्याय पंचायत के आयोजन की घोषणा की। उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई, नौकरी से हटाने के नोटिस और मुकदमे दर्ज करने के आरोप लगाए।
शास्त्री ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमितीकरण की नीति बनाना, पक्की भर्ती करना और 13 मई को हुए समझौते को लागू करना शामिल है। उन्होंने कहा कि कच्चे सफाई कर्मचारियों को पक्का किए जाने के बाद ही हड़ताल समाप्त की जाएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों की मांगों को लेकर गंभीर नहीं है। साथ ही कहा कि 10 से 12 सितंबर तक सभी जिलों में जन न्याय पंचायतें आयोजित की जाएंगी। इसके बाद 13 सितंबर को कुरुक्षेत्र में राज्य स्तरीय जन न्याय पंचायत होगी। उन्होंने आरडब्ल्यूए, मजदूर, व्यापारी, किसान संगठनों और वाल्मीकि समाज से आंदोलन में सहयोग की अपील की।
शास्त्री ने एचकेआरएन के माध्यम से कर्मचारियों की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि कर्मचारियों की स्थायी नियुक्ति की मांग पूरी होनी चाहिए। संघ के करनाल इकाई प्रधान राजकुमार, जिला प्रधान सुभाष परोचा, सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान सुशील गुर्जर, अग्निशमन कर्मचारी संघ के जिला प्रधान संदीप त्यागी आदि मौजूद रहे। ब्यूरो
.धरने पर बैठे सफाई कर्मचारी और फायरकर्मी। संगठन