- ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी कांट्रेक्टर एसोसिएशन की राज्यस्तरीय महापंचायत में किया एलान
- आज मुख्यमंत्री से होगी वार्ता, विफल रही तो कल से बंद किए जाएंगे कार्य
- राज्य सरकार पर ठेकेदारों के कार्य पूरे होने के बावजूद 300 करोड़ रुपये का भुगतान रोकने का आरोप
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी कांट्रेक्टर एसोसिएशन की राज्यस्तरीय महापंचायत में निर्माण ठेकेदारों ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बिटुमिन को सिर्फ पानीपत रिफाइनरी से खरीदने की शर्त से भड़के ठेकेदारों ने राज्य सरकार पर ठेकेदारों के कार्य पूरे होने के बावजूद करीब 300 करोड़ रुपये का भुगतान रोके जाने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि से मिलने के बाद सरकार को 24 घंटे का समय दिया। उन्होंने एलान किया कि यदि सोमवार को मुख्यमंत्री समस्याओं का समाधान नहीं करते हैं तो मंगलवार से राज्यभर के ठेकेदार सड़कों, भवनों, पुलों आदि सभी निर्माण कार्यो को बंद कर देंगे। मौजूदा समय में प्रदेश में करीब 2500 करोड़ रुपये के कार्य चल रहे हैं। हर विधान सभा में भी 25 करोड़ रुपये से सड़कों का निर्माण होना है। इन कार्यो पर संकट आ सकता है।
रविवार को करनाल क्लब में ऑल हरियाणा पीडब्ल्यूडी कांट्रेक्टर एसोसिएशन की महापंचायत हुई। जिसमें राज्यभर से ठेकेदार शामिल हुए। ठेकेदारों ने अपनी-अपनी बात रखी। एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक जैन व महासचिव मनोज चहल ने कहा कि ठेकेदारों ने पांच दिन पहले चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हरियाणा सरकार को चेताया था, लेकिन मुख्यमंत्री की ओर से कोई आश्वासन न मिलने पर मजबूरन ठेकेदारों को आंदोलन के लिए विवश होना पड़ रहा है। कुछ सदस्यों ने सरकार को मांगों को मानने के लिए 30 सितंबर तक का समय देने की बात कही लेकिन सहमति नहीं बनी।
ठेकेदारों ने कहा कि उनके पास करीब ढाई हजार करोड़ के कार्य हैं, जिनके लिए सिर्फ डेढ़ महीने का समय है, क्योंकि फिर सर्दी शुरू हो जाएगी। तय किया गया कि सोमवार से ही प्रदेशभर के कार्य ठप कर दिए जाएं, लेकिन इसी बीच ठेकेदार सीएम आवास पहुंचे। वहां सीएम प्रतिनिधि संजय बठला को ज्ञापन सौंपा तो बठला ने सोमवार को ठेकेदारों को मुख्यमंत्री से मिलवाने का भरोसा दिया। इस पर ठेकेदारों ने एलान किया कि सोमवार को सीएम यदि उनकी मांगों को पूरा नहीं करते तो मंगलवार से प्रदेशभर में सभी कार्य ठप कर दिए जाएंगे। बैठक में सतवीर खटकल (भिवानी), जसविंदर (पंचकूला), विनोद बेनीवाल (हिसार), बिल्लू (जींद), रविंद्र (दादरी), करनाल के पंकज कुमार, गौरव, मुकेश आदि विभिन्न राज्यों से ठेकेदार शामिल रहे।
ये हैं ठेकेदारों की मुख्य मांगें
- सरकार की ओर से मांगी गई एनहांसमेंट की पिछले दो साल से बकाया भुगतान का तुरंत भुगतान।
- बिटुमिन सिर्फ पानीपत की सरकारी रिफाइनरी से ही खरीदने की शर्त को तत्काल वापस लिया जाए।
- केंद्र की तर्ज पर हरियाणा सरकार भी कोविड के चलते तीन फाइनेंशियल रिलीफ जारी करे।
- नाबार्ड व अन्य संस्थाओं की तर्ज पर चार साल तक परियोजना की मरम्मत के लिए भी मिले भुगतान