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सीएम सिटी में नियमों को ताक पर रख बनाया गोदाम

Sun, 30 Apr 2017 12:20 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
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सीएम सिटी में नियमों को ताक पर रख बनाया गोदाम - फोटो : Amar Ujala
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नियमों को तार-तार करते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने गेहूं का भंडारण ऐसे स्थानों पर कर दिया है, जहां भंडारण के ऊपर से बिजली की तारें गुजर रही हैं। एक तरफ खेतों में बिजली की तारों की चिंगारी के कारण जिले में करीब 600 एकड़ गेहूं की फसल जल चुकी है, वहीं अब विभाग भी ऐसी व्यवस्था कर दी है, जिससे किसी भी समय हादसे की आशंका बनी हुई है। जिलेभर में खुले में बनाए गए गोदामों के साथ-साथ खुद डीएफएससी विभाग के मेरठ रोड स्थित गोदामों के ऊपर से हाइटेंशन तार गुजर रही है।
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सरकार के नियमों के अनुसार, जहां से बिजली लाइन गुजर रही है, वहां पर किसी भी चीज का भंडारण नहीं किया जा सकता। बावजूद इसके सीएम सिटी में इस नियम को जमकर उल्लंघन किया जा रहा है। मेरठ रोड स्थित डीएफएससी के गोदाम स्थापित किये गए, यहां पर हजारों क्विंटल गेहूं का भंडारण किया गया है। अहम बात यह है कि जहां पर सारे नियमों को ताक पर रख भंडारण किया गया है। वहीं जुंडला स्थित ओपन पलेटी के ऊपर से भी बिजली के तार गुजर रहे हैं। यहीं पर हरियाणा एग्रो का भी ओपन गोदाम है, उसके ऊपर से हाईटेंशन बिजली की तारें गुजर रही हैं। बावजूद इसके यहां पर रोजाना हजारों की संख्या में गेहूं के कट्टे लगाए जा रहे हैं। डीएफएससी विभाग की ओर से जुंडला में चार लाख कट्टे लगाए गए हैं। कुछ इसी प्रकार के हालात हेमदा स्थित ओपन पलेंथी के हैं।

किसकी शह पर पास होती हैं पलेटियां
विभागीय सूत्र बताते हैं कि पलेटियां पास करने के लिए कमेटी बनाई जाती है। इसमें उन पलेटियों को भी पास कर दिया जाता है, जो नियमों पर खरी नहीं उतरती उनको भी आंख बंद करके पास कर दिया जाता है। सवाल यह है कि आखिर ऐसी पलेटियों को पास क्यों किया जाता है। रास्ते कच्चे हैं, न चारदिवारी है और न ही पलेंथी की ऊंचाई सही है, बावजूद इसके यहां पर भंडारण किया जाता है। जिले में जुंडला, घरौंडा, करनाल, नीलोखेड़ी व तरावड़ी और असंध समेत अन्य स्थानों पर खरीद एजेंसियों के ओपन गोदाम बनाए गए हैं। इनमें से ज्यादातर में रास्ते कच्चे हैं और न ही चारदिवारी है। हालांकि, ये सारी चीजें कागजों में पूरी दिखाई जाती हैं। जुंडला, करनाल और हेमदा की पलेटियों में इतनी खामियां होने के बावजूद यहां पर धड़ाधड़ गेहूं का रखाव किया जा रहा है। कच्चे रास्ते होने के कारण यहां पर गिरने वाला गेहूं भी खराब हो रहा है।
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6 लाख एमटी गेहूं ओपन में
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, इस बार 7.85 लाख एमटी गेहूं खरीद करने का अनुमान है, जबकि विभाग के पास 1.85 लाख एमटी गेहूं के ही भंडारण की व्यवस्था है, शेष करीब 6 लाख एमटी गेहूं का भंडारण खुले में ओपन पलेटियां पर किया जा रहा है। खुले में रखे जाने वाले गेहूं के खराब होने की आशंका ज्यादा है, क्योंकि ये पलेटियां नियम पूरे नहीं करती है। करनाल के पिछले रिकार्ड के अनुसार बात करें तो यहां पर हर साल हजारों क्विंटल अनाज खराब होता है और इसके लिए कई अधिकारी नप भी चुके हैं। वहीं, डीएफएससी के गोदामों में मात्र पांच लाख कट्टे रखने की जगह है।

कहां करें भंडारण : डीएफएससी
इस बारे में डीएफएससी अनिल कुमार ने कहा कि कवर्ड गोदाम नहीं होने के कारण मजबूरी में इन पलेटियों पर भंडारण करना पड़ता है, और कहां करें भंडारण। हैफेड और एफसीआई के गोदाम चावल से भरे पड़े हैं। हमारी कोशिश होती है कि पलेटियां नियम पूरे करें, कच्चे रास्तों को लेकर पलेटी मालिक से लिखवाया गया है कि अगर कभी गाड़ी धंसी को क्रेन मालिक उपलब्ध कराएगा। वहीं, हाईटेंशन तारों को लेकर डीएफएससी के पास कोई जवाब नहीं था, वे बोले, मेरठ रोड पर तो कवर्ड गोदाम हैं, वहां कोई दिक्कत नहीं है, पलेटियों के बारे में देखेंगे। उधर, इस बारे में बिजली निगम के एसई जेके कांबोज कहते हैं, सरकार की तरफ से सरकुलर जारी किया गया है कि हाईटेंशन तारों के नीचे किसी प्रकार का भंडारण नहीं किया जा सकता है।

हरियाणा एग्रो के गोदाम के ऊपर है लाइन
पलेटी के रास्तों में रोड़ा डाला गया है, पलेटी पास करने का काम आला अधिकारियों का है। हाईटेंशन की तारें हरियाणा एग्रो के गोदाम के ऊपर से हैं, हमारे नहीं। उन्होंने माना कि पलेटी की आधी से ज्यादा सड़कें कच्ची हैं।
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- राजेश कुमार, इंस्पेक्टर, जुंडला गोदाम इंचार्ज
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