श्रीराम मंदिर सेक्टर आठ में आयोजित कथा में श्रीराम चरितमानस ग्रंथ की पूजा करते श्रद्धालु। संवाद
करनाल। श्रीराम मंदिर सेक्टर-8 में चल रही श्री रामचरितमानस कथा में प्रवचन करते हुए स्वामी मैथिलीशरण महाराजा ने कहा कि इंद्रिय दमन का तात्पर्य यह नहीं है कि हम आंख से देखना बंद कर दें, कान से सुनना या जीभ से रस लेना या बोलना बंद कर दें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक इंद्रिय का सदुपयोग ही इंद्रिय दमन है। कान से निंदा न सुनना इंद्रिय दमन है। आंख से भगवान के दर्शन करना और संसार में सब में सदा गुणदर्शन करना ही इंद्रिय दमन है। भटकाव व्यक्ति को कहीं का नहीं रखता। कथा में मनो रोग चिकित्सक डॉ. जगदीश बठला और उनके परिवार ने व्यास पीठ की पूजा की। प्रधान जगन बत्रा, महेंद्र मोहन बत्रा, नरेश तनेजा, अशोक मदान, दलीप गांधी, अनु खट्टर, मुरारी बत्रा आदि मौजूद रहे। संवाद