माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। मतदाता सूची से किसी का नाम हटवाने के लिए अब मनमाने तरीके से आपत्तियां दर्ज नहीं कराई जा सकेंगी। निर्वाचन आयोग ने फार्म-7 आवेदनों की संख्या निर्धारित कर दी है। दावे और आपत्तियों की अवधि में एक मतदाता अधिकतम 10 आवेदन दे सकेगा, जबकि मतदाता सूची के निरंतर अद्यतन के दौरान हर महीने पांच आवेदन ही जमा कराए जा सकेंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि ये निर्देश ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से जमा होने वाले आवेदनों पर लागू होंगे।
आयोग ने यह कदम बिना ठोस आधार के बड़ी संख्या में आपत्तियां दर्ज कराने की प्रवृत्ति रोकने और मतदाताओं को अनावश्यक परेशानी से बचाने के लिए उठाया है। निर्देशों के अनुसार, फार्म-7 भरने का अधिकार केवल उसी व्यक्ति को होगा, जिसका नाम संबंधित विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से दर्ज है। आवेदन में सभी जरूरी विवरण भरने के साथ आवेदक के स्वयं हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा। हस्ताक्षर की मुहर को मान्य नहीं माना जाएगा।
निर्वाचक पंजीयन अधिकारियों को फार्म-7 आवेदनों की जांच के दौरान आवेदक की पहचान और मतदाता सूची में उपलब्ध विवरणों का सत्यापन करना होगा। किसी व्यक्ति की ओर से पांच से अधिक मामलों में आपत्तियां दर्ज कराने पर संबंधित नियमों के तहत व्यक्तिगत सत्यापन किया जाएगा। सामूहिक रूप से यानी बल्क में प्रस्तुत किए गए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ब्यूरो