संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। गर्मी बढ़ने जिला नागरिक अस्पताल में उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। ओपीडी में आना वाला हर छठा मरीज उल्टी-दस्त का है।पिछले पांच दिनों से अस्पताल की ओपीडी 2200 के पार जा चुकी है। इससे मरीजों को ओपीडी की पर्ची कटवाने के लिए घंटों तक लाइन में खड़े रहना पड़ रहा है।
नागरिक अस्पताल के एमडी फिजिशियन डॉ. कुलबीर सिंह ने बताया कि जिले में बीते एक सप्ताह से गर्मी और बढ़ती जा रही है। इससे मौसमी बीमारियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। बीते सप्ताह तक जहां जिला अस्पताल की ओपीडी में 1500-1600 मरीज आ रहे थे, वहीं पिछले पांच दिनों में रोजाना दो से ढाई हजार के बीच में मरीज ओपीडी में पहुंच रहे हैं।
इनमें से 50 फीसदी मरीज उल्टी, दस्त, पेट दर्द, सिर दर्द व बुखार के हैं। गंभीर हालत में आने वाले मरीजों को भर्ती करने के साथ ही अन्य मरीजों को इलाज के बाद घर भेजा जा रहा है। नागरिक अस्पताल के सीनियर फार्मासिस्ट राजेश सिंगला ने बताया कि नागरिक अस्पताल में आने वाले मरीजों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
इनमें सबसे अधिक वायरल, उल्टी व दस्त के मरीज सबसे अधिक है। जिसके चलते अस्पताल में ओआरएस, पेरासिटामॉल, डोलो मैक्स, मेफ्टॉल स्पास सहित लीवो सिट्राजिन की खपत बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि ओआरएस के पैकेट जहां प्रतिमाह 700-800 लगते थे वहीं अब खपत बढ़कर दो हजार हो चुकी है। इसके अलावा पैरासिटामॉल 8 से 10 हजार टेबलेट लगती थी। अब खपत बढ़कर 20 हजार टेबलेट पर पहुंच चुकी है।
इन बातों का रखें ध्यान
घर से खूब पानी पीकर निकलें, पूरा शरीर ढककर घर से निकलें, बीच-बीच में थोड़ा-थोड़ा पानी पीएं, ओआरएस घोल का प्रयोग करें, लू लगने पर पंखे, कूलर के सामने लिटाएं, घर से जूते पहनकर ही निकलें, घर में बनाए पेय पदार्थ का सेवन करें, तरबूज, खरबूजा, संतरा, खीरा, ककड़ी खाएं, बच्चों को बोतल से नहीं, चम्मच कटोरी से दूध पिलाएं। इसके अलावा सिर में तेज दर्द होने या बेहोशी आने, त्वचा लाल होने और सूखी होने, शरीर का तापमान 40 डिग्री से अधिक होने, मांसपेशियों में खिंचाव होने, उल्टी होने और जी मचलाने, हृदय गति और श्वसन गति बढ़ने पर तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
नागरिक अस्पताल में गर्मी के कारण मरीजों की संख्या बढ़ रही है। दवाओं से संबंधित पर्याप्त स्टॉक रखने के लिए फार्मेसी अधिकारी को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। गर्मी में अधिक उपयोग होने वाली दवाओं का स्टाॅक अस्पताल की डिस्पेंसरी में मौजूद है। - डॉ. बलवान सिंह, पीएमओ, नागरिक अस्पताल करनाल।