नागरिक समाज के समक्ष चुनौतियां व संभावनाएं विषय पर रविवार को हरियाणा ज्ञान विज्ञान समिति का पांचवां त्रिवार्षिक सम्मेलन मानव सेवा संघ के हाल में संपन्न हुआ। सम्मेलन में नई जिला कार्यकारिणी का गठन किया गया। विनोद मंगलोरा को अध्यक्ष, सतीश कुमार को जिला सचिव, सुलेख चंद उपप्रधान, राम मेहर सहसचिव और जरासो देवी को कोषाध्यक्ष चुना गया।
जिला कार्यकारिणी में जयप्रकाश शास्त्री, डॉ. पवन कुमार, नरेश सैनी, सूरज कुमारी, डॉ. राजेंद्र सिंह, सुरेंदर बसताडा, गुंजन, शबनम, सोनू अली, सतीश कुमार गूढ़ा, आनंदपाल, मुस्लिम चौहान तथा अशोक मंगलोरा को सदस्य चुना गया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष राम मेहर ने की। खुले सत्र में राज्य अध्यक्ष प्रो. प्रमोद गौरी ने कहा कि नागरिक शब्द सबको बराबरी का दर्जा देता है। नागरिक समाज की शुरुआत 15वीं शताब्दी में संत कबीर तथा संत रविदास ने अपनी रचनाओं से की है। उन्होंने जातिवाद और अंधविश्वास पर अपनी रचनाओं के माध्यम से गहरी चोट की और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
राज्य सचिव सुरेश कुमार ने आज के संदर्भ में बेहतर समाज निर्माण में वैज्ञानिक मानसिकता की आवश्यकता पर बल दिया। राज्य कार्यकारिणी के सदस्य सोहन दास ने बताया कि करनाल में 11 से 13 अप्रैल तक तीन दिवसीय राज्य सम्मेलन रखा गया है। इसमें समिति के संविधान पर भी चर्चा की जाएगी।
जनवादी संगठन दलित अधिकार मंच से ओमप्रकाश सिंहमार, डॉ. अशोक अरोड़ा, रिटायर कर्मचारी संघ से मास्टर बलराज सिंह, उधम सिंह राठी, लाभ सिंह सर्वकर्मचारी संघ से सुशील गुर्जर, जनवादी महिला समिति से विजनेश राणा उपस्थित रहे।