संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। गढ़ी बीरबल गांव में ओवरलोडेड वाहनों से परेशानी ग्रामीणों का वीरवार को गुस्सा फूट गया। ग्रामीणों ने करनाल-यमुनानगर स्टेट हाईवे पर जाम लगा दिया और करीब डेढ़ घंटे तक प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी दरी बिछाकर सड़क के बीच बैठ गए और दाएं-बाएं वाहन खड़े करके आवागमन बंद कर दिया। जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को शांत कराया। तीन दिन में समस्या के समाधान के अल्टीमेटम पर ग्रामीणों ने जाम खोला।
ग्रामीण मनजीत सिंह ने बताया कि सीएम सीटी लाडवा में भारी वाहनों का आवागमन सुबह आठ बजे से रात्रि आठ बजे तक बंद कर दिया गया है, जिसकी वजह से यमुनानगर, पांवटा साहिब, खिजराबाद व यमुनानगर की ओर जाने वाले अधिकतम भारी वाहन करनाल से गढ़ी-बीरबल से होकर गुजर रहे हैं। इन भारी वाहनों की बढ़ती संख्या से परेशान ग्रामीणों ने जाम लगाया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों के गुजरने का समय निश्चित किया जाए। साथ ही ओवरलोडेड वाहनों के चालान किए जाएं। ग्रामीणों ने प्रशासन को तीन दिन का अल्टीमेटम दिया है।
ग्रामीण राजेश ने बताया कि कुछ दिन पहले गांव का ही एक युवक ऐसे ही वाहन से टकरा कर सड़क किनारे गड्ढे में गिर गया। इस दुर्घटना में युवक घायल हो गया। गनीमत रही कि उसकी जान बच गई, हालांकि उसे कई दिन चंडीगढ़ आईसीयू में गुजारने पड़े। ग्रामीण राजेंद्र ने बताया कि ओवरलोडेड वाहनों के कारण गांव व आसपास की सभी मुख्य सड़कें टूट चुकी हैं। गढ़ी बीरबल गांव के साथ लगते गांवों के बच्चे रोजाना पढ़ने के लिए साइकिल पर गांव के स्कूल में आते हैं। भारी व ओवरलोडेड वाहनों के कारण अभिभावक बच्चों के स्कूल के लिए घर से निकलने के बाद से लेकर वापस घर लौटने तक चिंता में रहते हैं।
लगातार हो रहे हादसे : कुलदीप
धरने पर बैठे जिला परिषद के पार्षद कुलदीप मंढान ने बताया कि हाईवे पर रोजाना हजारों ओवरलोडेड वाहन चलते हैं, जिससे कई बार बड़े हादसे हुए हैं, प्रशासन ने अब तक कोई समाधान नहीं निकाला। उन्होंने बताया कि इस समस्या को लेकर कई बार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मौके पर पहुंचे इंद्री पुलिस उप अधीक्षक सतीश गौतम के ग्रामीणों को तीन दिन के भीतर समस्या का समाधान निकालने का आश्वासन पर जाम खुलवाया। उपाधीक्षक ने बताया कि जाम की सूचना मिलने पर उनकी टीम मौके पर पहुंची थी।