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Karnal News: स्कूल, श्मशान का रास्ता बंद होने से ग्रामीणों में रोष

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर रेलवे ने डींगा खेड़ा गांव के पास फाटक के साथ पक्की कंक्रीट की दीवार बना दी है। इससे ग्रामीणों को रेलवे लाइन पार आने जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चूंकि आधे गांव के लोगाें के मकान खेतों की ओर बने हैं, जिसका रास्ता रेलवे फाटक से होकर जाता था। वहीं, गांव से श्मशान का रास्ता भी यहीं से जाता है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिनके घर फाटक के दूसरी ओर हैं, वे कैसे आए जाएंगे। उनके बच्चे दूसरी ओर स्कूलों में पढ़ते हैं उनके लिए भी बड़ी परेशानी हो रही है। फाटक के इस ओर गांव में रहने वाले लोगों का कहना है कि उनका तो श्मशान भी फाटक के पार है। अगर किसी की मौत हो जाए तो वे मृतक का संस्कार करने भी दूसरी ओर नहीं जा सकते।
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लोगों ने विधायक जगमोहन आनंद को शिकायत देकर रास्ता खुलवाने की मांग की। विधायक ने तर्क दिया कि यह मामला केंद्र सरकार से जुड़ा है। इसके बाद ग्रामीणों ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल को पत्र लिखकर रास्ता खोलने की मांग की है। ग्रामीणों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अब ट्रिपल इंजन सरकार के बावजूद भी रास्ता नहीं खुला तो ऐसी सरकार होने का क्या फायदा। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर रास्ता नहीं खोला गया तो वे धरना प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।
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ग्रामीणों का कहना है कि पहले रेलवे ने फाटक नंबर 68 सी को पूरी तरह से बंद कर दिया। यहां नोटिस रेलवे लाइन की मरम्मत के लिए लगाए गए लेकिन कंक्रीट की दीवार बना फाटक को बंद कर दिया गया। नोटिस में लिखा गया कि इस रेलवे लाइन पर मरम्मत का काम चलने की वजह से 27 मार्च से 28 मार्च तक बंद रखा जाएगा। 27 मार्च की सुबह से लेकर 28 मार्च सुबह तक 24 घंटे भीतर रेलवे ने यहां दीवार खड़ी कर दी। पहले रेलवे के अधिकारियों ने बताया था कि इस फाटक को अस्थायी रूप से बंद किया जा रहा है। यहां पर रेलवे अंडरपास बनेगा। कई महीनों के इंतजार के बाद भी अंडरपास बनाने का कोई काम शुरू नहीं हुआ। इसके बजाय अब बिना कोई सूचना दिए रातों-रात यहां पक्की दीवार खड़ी कर दी।
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