- कम दर पर बोली किए जाने पर उपायुक्त ने गढ़ी बीरबल, मुस्सेसर और कलसौरा का किया दौरा
- मुस्सेसर गांव में सरपंच और ग्राम सचिव को भविष्य में गलती न करने की चेतावनी देकर छोड़ा
- प्रति एकड़ 50 हजार रुपये से कम की बोली करने पर दोबारा बोली कराने का निर्देश
संवार न्यूज एजेंसी
इंद्री। पंचायती जमीन की बोली कम दर पर कराए जाने पर बृहस्पतिवार को उपायुक्त ने गांव गढ़ी बीरबल के ग्राम सचिव को निलंबित कर दिया। बाजार भाव से कम पर पंचायती जमीन की बोली कराई थी और ग्राम सचिव इस संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके थे। जिस पर कार्रवाई की गई।
इंद्री क्षेत्र के गांव गढ़ीबीरबल, मुस्सेपुर और कलसौरा से पंचायती जमीन की बोली बाजार भाव से कम में कराने की शिकायत मिली थी। जिस पर उपायुक्त अनीष यादव ने बृहस्पतिवार को तीनों गांवों का औचक निरीक्षण किया। सबसे पहले गढ़ी बीरबल पहुंचे, जहां पंचायती जमीन की बोली कम दर पर कराने की वजह से ग्राम सचिव हरीश से पूछी, जिसका वह कोई जवाब नहीं दे सके। अनियमितता पाए जाने पर ग्राम सचिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। उन्होंने गांव के सरपंच व एसईपीओ को इस पंचायती जमीन की दोबारा बोली कराने का आदेश दिया। एसईपीओ को निर्देश दिया कि इंद्री ब्लॉक में जिस गांव में पंचायती जमीन की बोली प्रति एकड़ 50 हजार रुपये से कम की हुई, वहां दोबारा बोली कराई जाएगी। इसके बाद गांव मुस्सेपुर पहुंचे। जहां ग्राम सचिव एवं सरपंच को चेतावनी दी। इस जमीन की बोली भी दोबारा कराने का आदेश दिया गया। गांव कलसौरा में ग्राम सचिव ने बताया कि जमीन यमुना से सटी है, सिंचाई के पानी के लिए ट्यूबवेल का कनेक्शन भी नहीं है और क्षेत्र बाढ़ प्रभावित भी है। ऐसे में जमीन कम दर पर ही जाती है। ग्राम पंचायत की मांग पर उपायुक्त ने पंचायती जमीन के लिए ट्यूबवेल का कनेक्शन जारी करवाने का आश्वासन दिया।