भारतीय खाद्य निगम का 320 क्विंटल गेहूं राजस्थान सरकार द्वारा लौटाने के बाद एफसीआई अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई है। एफसीआई व खाद्य और आपूर्ति विभाग अब इस गेहूं को ठिकाने लगाने की फिराक में है।
विभाग ने यह गेहूं खुले आसमान के नीचे रखवा दिया है ताकि चोरी-चुपके से इसे कहीं ओर भेज दिया जाए। एफसीआई ने मिड-डे मील के लिए असंध से राजस्थान में गेहूं भेजा था लेकिन राजस्थान सरकार ने यह कहकर लौटा दिया कि गेहूं में फफूंदी तथा कीड़े हैं।
इसके बाद से ही एफसीआई के हाथ-पांव फूले हुए हैं। विभाग को यह हजम नहीं हो रहा है कि गेहूं कैसे वापस आया। इस बारे में खाद्य आपूर्ति विभाग के गुणवत्ता नियंत्रक सुशील कंसल से पूछा गया कि यह गेहूं अब कहां इस्तेमाल किया जाएगा तो उन्होंने बताया कि इस गेहूं के दोबारा सैंपल लिए जाएंगे।
जैसा भी सैंपल में आएगा, विभाग की ओर से उसके हिसाब से फैसला लिया जाएगा। वहीं, वीरवार को भारतीय खाद्य निगम की विजिलेंस टीम ने मौके पर आकर स्थिति का मुआयना किया और सैंपल भी लिए। टीम ने बताया कि यह सैंपल जिला लैब में दोबारा से चेक किए जाएंगे।
जो भी रिपोर्ट आएगी, वह विभाग के उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी। अब सवाल यह उठता है कि जब गेहूं राजस्थान भेजा गया था तब सैंपल क्यों नहीं लिया गया। यदि लिया गया तो विश्वसनीयता नहीं है। इसी तरह कोटपुतली की लैब में चेक करने की भी कोई विश्वसनीयता नहीं है। इस सवाल पर अब तक दोनों विभागों के अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पा रहे हैं। भारतीय खाद्य निगम के गुणवत्ता नियंत्रक सुमित ने बताया कि सैंपल लेकर ही गेहूं भेजा गया था।