स्टेट विजिलेंस करनाल की टीम ने इंद्री नगर पालिका के अकाउंटेंट को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया है। आरोपी अकाउंटेंट की पत्नी भी कुरुक्षेत्र विजिलेंस में एसआई के पद पर कार्यरत है। आरोपी ने नगर पालिका में डीसी रेट पर लगे भाजपा नेता के बेटे से 20 हजार रुपये मांगे थे। शिकायतकर्ता भाजपा नेता का बेटा है।
स्टेट विजिलेंस द्वारा अब पकड़े गए आरोपी प्रवीण कुमार निवासी अंसल सिटी गांव उमरी (कुरुक्षेत्र) को वीरवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पीड़ित विकास तोमर जो इंद्री के गांव रामगढ़ का रहने वाला है। उसके पिता महेंद्र पाल तोमर भाजपा में ओबीसी मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष और अंबाला के लोकसभा प्रभारी भी है।
विकास तोमर ने बताया कि एक जनवरी 2020 को वह डीसी रेट पर नगर पालिक इंद्री में सफाई निरीक्षक के पद पर लगा था। पिछले एक सप्ताह से अकाउंटेंट प्रवीण उसे परेशान कर रहा था। वह उससे कहता था कि अब डोर टू डोर का काम पूरा हो गया है, दूसरा ठेकेदार आ गया है अब तुम्हें हटाया जाएगा। यदि तुम्हें यहीं नौकरी पर रहना है तो 20 हजार रुपये देने होंगे। उसने रुपये देने से मना किया तो वह नौकरी से हटाने की धमकी देने लगा। इसके बाद उसने स्टेट विजिलेंस को इसकी सूचना दी और विजिलेंस को सबूत भी दिए।
विकास के अनुसार इसके बाद दोबारा प्रवीण का फोन रुपये के लिए आया, तो उसने कहा कि वह दस-दस हजार रुपये की राशि दो बार देगा। इस बारे में उसने अपने पिता को भी बताया हुआ था। जिसके बाद स्टेट विजिलेंस इंस्पेक्टर जगतराम की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया गया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट बीडीपीओ करनाल पंचम लता को बनाया गया। टीम में एसआई नफे सिंह, एएसआई सूबे सिंह, एचसी संजीव, संजय, महेश शामिल थे। टीम ने पीड़ित विकास तोमर के साथ इंद्री नगर पालिका के समीप बस स्टैंड पर दस हजार रुपये लेते आरोपी प्रवीण को पकड़ लिया। आरोपी रिश्वत के रुपये लेते ही ऑटो में बैठ गया था। आरोपी से 500-500 के 20 नोट बरामद किए हैं।
इंद्री के रामगढ़ निवासी विकास तोमर ने उन्हें शिकायत दी थी कि नगर पालिका इंद्री में कार्यरत अकाउंटेंट प्रवीण उसे हटाने की धमकी दे रहा है और इसके बदले में 20 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा है। शिकायत मिलने पर टीम का गठन किया गया और अकाउंटेंट प्रवीण को दस हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ लिया गया है।
-जगतराम, इंस्पेक्टर, स्टेट विजिलेंस थाना करनाल