माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। जिले में वर्ष 2024-25 में फसल अवशेष प्रबंधन योजना के तहत 914 किसानों ने 50 प्रतिशत अनुदान के लिए विभागीय पोर्टल पर आवेदन कर बिल अपलोड किए हैं। इन बिलों का 30 नवंबर को एक ही दिन में ब्लाक स्तर पर मोबाइल एप के माध्यम से कृषि यंत्रों का भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। इसके लिए जिले में छह ब्लॉक के लिए टीमों का गठन कर दिया गया है।
ये टीमें मौके पर जाकर यंत्रों का सत्यापित करेंगी कि किसान के पास वहीं कृषि यंत्र हैं, जिसका बिल दिया गया है या नहीं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के तकनीकी सहायक सुरेंदर कुमार ने बताया कि किसानों ने कृषि यंत्र खरीद कर उनके बिल पोर्टल पर अपलोड किए हैं। इन पर सरकार 50 प्रतिशत अनुदान देगी। जिले में कुल 914 किसानों अनुदान के लिए आवेदन किया है।
इसी प्रक्रिया के तहत 30 नवंबर को भौतिक सत्यापन करवाया जाएगा। उन्होंने बताया कि जिन किसानों अपने कृषि यंत्र के बिल पोर्टल पर अपलोड किए हैं, वह अपनी मशीन का भौतिक सत्यापन करवाने के लिए अपनी ब्लाक में स्थित नई अनाज मंडी में कृषि यंत्र लेकर आएं।
ब्लाक करनाल के लिए नई अनाज मंडी कराल, ब्लाक असंध के लिए नई अनाज मंडी असंध, ब्लाक निसिंग के लिए नई अनाज मंडी निसिंग, ब्लाक घरौंडा के लिए नई अनाज मंडी घरौंडा, ब्लाक इंद्री के लिए नई अनाज मंडी, इंद्री व ब्लाक नीलोखेडी के लिए अनाज मंडी, नीलोखेड़ी में सत्यापन करवा सकते है। किसानों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि खरीदा गया बिल विभागीय पोर्टल पर अपलोड निर्माता द्वारा स्वीकृत किया गया हो।
किसान अपनी मशीन पर फसल अवशेष प्रबंधन स्कीम 2024-25 के तहत 50 प्रतिशत अनुदानित कृषि यंत्र का नाम, किसान का नाम, पिता का नाम, पता, मोबाइल नंबर, मशीन के रेट लिखवाकर अवश्य लाए, जो किसान विभाग द्वारा निर्धारित स्थान, 30 नवंबर को समय सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक नहीं करवाते है तो वह स्वयं जिम्मेदार होंगे।