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Karnal News: प्रदेश में टीका खत्म, आमजन संग विदेश जाने वाले तंग

Sun, 09 Apr 2023 02:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, करनाल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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करनाल। प्रदेश में कोरोना का टीका खत्म हो गया है। किसी भी जिले के सिविल अस्पताल में टीका नहीं है। इस कारण आम लोगों के साथ-साथ विदेश जाने वाले लोग टीका लगाने के लिए भटक रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक कोरोना का संक्रमण कम होने के बाद टीकाकरण कराने के लिए अधिकतर विदेश जाने वाले लोग ही आते थे, जबकि अब कोरोना संक्रमितों की संख्या रोज बढ़ रही है। इस कारण टीका लगाने के लिए आम लोग भी पहुंच रहे हैं।
विदेश जाने वालों को एयरपोर्ट पर पहली, दूसरी और प्रिकॉशन डोज लेने का टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाना होता है। जिसके बाद ही एयरपोर्ट सिक्योरिटी उन्हें हवाई यात्रा की इजाजत देती है। टीका खत्म होना इनके लिए बड़ी समस्या है। कोरोना के केस बढ़ने के बाद अब प्रदेश में कोविशील्ड और कोवाक्सीन का स्टॉक खत्म होने से किसी का भी टीकाकरण नहीं हो पा रहा है। कोविशील्ड का स्टॉक कई महीनों से नहीं है, जबकि कोवाक्सीन पिछले दो सप्ताह से स्टॉक में नहीं है। चिंता की बात यह है कि प्रिकॉशन डोज लगवाने वालों की संख्या बेहद कम है। ज्यादातर लोगों ने पहली और कुछ ने दूसरी डोज के बाद टीकाकरण नहीं कराया है।
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प्रदेश में 38.32 लाख लोगों ने नहीं लगवाई दूसरी डोज
आंकड़ों पर नजर डालें तो प्रदेश में शनिवार तक चार करोड़ 55 लाख 43 हजार 862 लोगों का टीकाकरण हुआ है। इनमें से दो करोड़ 36 लाख 81 हजार 317 लोगों ने पहली डोज लगवाई है। एक करोड़ 98 लाख 48 हजार 874 लोगों ने दूसरी डोज लगवाई है और मात्र 20 लाख 13 हजार 671 लोगों ने प्रिकॉशन डोज लगवाई है। ऐसे में प्रदेश में 38 लाख 32 हजार 443 लोगों ने दूसरी डोज और एक करोड़ 78 लाख 35 हजार 203 लोगों ने प्रिकॉशन डोज नहीं लगवाई हैं।
खुलने के बाद चार घंटे में खराब हो जाता है टीका
स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि वैक्सीन की एक डोज से 10 लोगों का टीकाकरण किया जाता है। टीके को प्लस दो से प्लस आठ के तापमान में आईएलआर फ्रिज में रखा जाता है। एक टीका खुलने के बाद चार घंटे के बाद खराब हो जाता है, जिसे लगाया नहीं जा सकता है।
समस्या ये भी : जब टीका था तब नहीं आ रहे थे लोग, अब रोज आ रहे
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सबसे बड़ी समस्या यह है कि जब अस्पतालों व टीकाकरण केंद्रों में वैक्सीन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध थी तो कम ही लोग लगवाने के लिए आ रहे थे। अधिकतर का आशा वर्करों के माध्यम से टीकाकरण किया गया, लेकिन अब प्रदेश में टीका खत्म है, जिसके बाद से हर अस्पताल में रोज 15 से 20 लोग टीका लगवाने आ रहे हैं।
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वर्जन
करनाल के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों में भी टीके का स्टॉक खत्म है। जब टीका मौजूद था तो कम ही लोग लगवाने आ रहे थे, इनमें भी वही थे, जिन्हें विदेश जाना था, लेकिन जब स्टॉक नहीं है तो टीका लगवाने के लिए आने वालों की संख्या बढ़ गई है।
- नीलम वर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन, करनाल
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