- वित्तीय कमेटी के गठन के लिए की थी बैठक, लेकिन कुछ पार्षदों और अध्यक्ष के बीच हो गया विवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
असंध। सरकार के निर्देश पर सोमवार को वित्तीय कमेटी का गठन करने के लिए एजेंडा नगरपालिका की बैठक में रखा जाना था। बैठक को लेकर पालिका सचिव ने एजेंडा तो निकाला, लेकिन सोमवार को निजी कारणों के चलते छुट्टी पर रहे। इसी बीच कुछ पार्षदों और अध्यक्ष के बीच इसी बात को लेकर विवाद हो गया। मामला तूल पकड़ गया और बैठक को रद्द करना पड़ा। अध्यक्ष ने वार्ड-17 से पार्षद मेजर सिंह एवं अन्य पर गालीगलौज और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस को शिकायत दी है।
नगरपालिका अध्यक्ष सतीश कटारिया ने आरोप लगाया है कि सोमवार को वित्तीय कमेटी का गठन होने के लिए बैठक रखी गई थी। कमेटी में उनके अलावा सचिव, उपाध्यक्ष और दो पार्षदों को शामिल किया जाना था। कमेटी शहर में होने वाले विकास कार्यों पर निगरानी रखती, जिससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सकती। जिसकी मंजूरी सरकार की तरफ से दी गई थी, लेकिन वार्ड-17 से पार्षद मेजर सिंह, वार्ड-11 से पार्षद शक्ति सिंह, उपाध्यक्ष राजेंदर ढींगड़ा, सीमांत शर्मा सहित अन्य पार्षदों ने हंगामा शुरू कर दिया।
अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मेजर सिंह ने सरेआम कहा है कि मर्डर करवा दूंगा। जिससे हम सभी की जान को खतरा है। उन्होंने कहा कि इसकी वीडियो भी है। जिसकी शिकायत थाने में दी गई है।
नहीं हो पा रहे विकास कार्य
अध्यक्ष ने कहा कि शहर का कोई भी विकास कार्य नहीं होने दिया जा रहा है। जब भी बैठक तय होती है तो हंगामा हो जाता है। जनता के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। अध्यक्ष के साथ वार्ड एक से पार्षद आजाद, वार्ड दो से ऋषि कुमार, वार्ड तीन से ममता रानी, वार्ड पांच से रजनी, वार्ड छह से चरणजीत कौर, वार्ड सात से पूजा, वार्ड 12 से जगदीश गुप्ता, वार्ड नौ से पार्षद कृष्णा बंसल, वार्ड 13 से संदेश बाबू, वार्ड 16 अनीता रानी आदि ने शिकायत देकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
एसडीएम मनदीप सिंह से मिले पार्षद और अध्यक्ष
घटनाक्रम के बाद सभी पार्षद व अध्यक्ष एसडीएम मनदीप सिंह से मिलने पहुंचे। जिसके बाद एसडीएम मनदीप सिंह ने शिकायत सुनकर उचित कार्रवाई का आश्वाशन दिया है। विधायक शमशेर सिंह गोगी ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी के कुछ नेता विकास कार्यों का गला घोंटने का काम कर रहे है। जनता सब समझ रही है। राजनीति से हटकर शहर के विकास कार्यों पर ध्यान दिया जाना चाहिए और पुलिस को भी कार्रवाई करनी चाहिए।