संवाद न्यूज एजेंसी
इंद्री। गांव उमरपुर से पंचायत चुनाव जीतकर सरपंच बनीं कुसुम रानी का आठवीं कक्षा का प्रमाणपत्र जांच में फर्जी पाया गया है। जिसके बाद इस मामले में कार्रवाई के लिए उपायुक्त से अनुशंसा की गई है। एसडीएम राजेश पुनिया ने उपायुक्त को अपनी जांच रिपोर्ट भेज दी है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने सरपंच कुसुम रानी, ग्राम सचिव बलकार सिंह और बीडीपीओ इंद्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग उपायुक्त से की है। जांच में एसडीएम ने सरपंच कुसुम पर लगे आरोपों को सही पाते हुए उपायुक्त करनाल को रिपोर्ट सौंप दी है, लेकिन अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। ऐसे में मामले की शिकायत उच्चाधिकारियों को भेजकर जांच की मांग की गई है।
यह है मामला
शिकायतकर्ता जयदेव के अनुसार उसने सरपंच पद का चुनाव जीत चुकीं कुसुम रानी के दस्तावेज आरटीआई के तहत बीडीपीओ इंद्री से प्राप्त किए थे। आरटीआई के तहत मिले दस्तावेजों में कुसुम रानी का आठवीं कक्षा का प्रमाणपत्र भी मौजूद था, लेकिन प्रमाणपत्र में किसी विद्यालय का जिक्र नहीं होने पर उसके फर्जी होने का संदेह हुआ। इस पर मामले में उपायुक्त को शिकायत भेजकर जांच की मांग की थी।
शिकायतकर्ता जयदेव ने उपायुक्त को भेजी शिकायत में कहा कि ग्रामीण कुलदीप ने भी सरपंच कुसुम एवं उम्मीदवार अंजू के शिक्षा प्रमाणपत्रों की जांच के लिए उपायुक्त को शिकायत भेजी थी। जिसकी जांच के दौरान सरपंच कुसुम का आठवीं कक्षा का प्रमाणपत्र नई दिल्ली का दर्शाया गया है जबकि आरटीआई के तहत प्राप्त दस्तावेजों में कुसुम रानी का प्रमाणपत्र भिवानी बोर्ड का है। ऐसे में बीडीपीओ कार्यालय से कुसुम रानी को बचाने के लिए दस्तावेज बदले गए हैं। दस्तावेज बदलने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
नियमानुसार जांच कर भेजी रिपोर्ट
सरपंच उमरपुर के खिलाफ उपायुक्त करनाल से प्राप्त शिकायत की नियमानुसार जांच कर रिपोर्ट भेज दी गई है।
- राजेश पुनिया, एसडीएम इंद्री
- शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप निराधार हैं। उनमें कोई सच्चाई नहीं है। वह हर तरह की जांच को तैयार हैं।
दलबिंदर सरपंच प्रतिनिधि