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अल्टीमेटम : सीबीआई या न्यायिक जांच नहीं हुई तो 30 को सीएम का करेंगे घेराव

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रोड़ धर्मशाला से रोष प्रदर्शन निकालते रोड़ समाज के लोग। संवाद
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करनाल। हर्ष-बीरबल मुठभेड़ मामले में रोड़ समाज के लोगों ने सोमवार को जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। प्रदेशभर से शहर में जुटे लोगों ने पहले जुलूस निकाला और फिर डेढ़ घंटे तक सचिवालय को घेरकर रखा। उनकी बात सुनने के लिए डीसी डॉ. आनंद शर्मा उनके बीच दरी पर बैठे। उनके सामने समाज के लोगों ने पांच दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर 29 अगस्त तक मुठभेड़ की सीबीआई या न्यायिक जांच के आदेश नहीं दिए गए तो 30 को सीएम नायब सिंह सैनी का घेराव किया जाए। सीएम की रैली तरावड़ी अनाज मंडी में होनी है।
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प्रदर्शनकारियों ने डीसी को ज्ञापन देकर दो और मांगें रखते हुए कहा कि मुठभेड़ में शामिल सभी पुलिस अफसरों और कर्मचारियों को निलंबित तक उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाए और करनाल शहर के भाजपा विधायक जगमोहन आनंद इस प्रकरण में अपनी बयानबाजी के लिए माफी मांगें। समाज के लोगों का आरोप है कि विधायक के कहने पर पुलिस ने सरेंडर करने के बाद भी फर्जी मुठभेड़ दिखाकर उसे मार दिया। विधायक ने लोगों के सामने फोन पर स्पीकर खोलकर बात की थी और फिर बयान दिया था कि पुलिस 10 घंटे के भीतर रिजल्ट दे देगी।

सुबह बड़ी संख्या में रोड़ समाज के लोग पुराना बस अड्डा के नजदीक रोड़ भवन में एकत्रित हुए। यहां से लघु सचिवालय की ओर से कूच किया। नारेबाजी करते हुए सभी अखिल भारतीय रोड़ महासभा के प्रधान बलकार सिंह के नेतृत्व में लघु सचिवालय पहुंचे। प्रदर्शनकारी सचिवालय के सामने बैठ गए।
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उपायुक्त डॉ. आनंद शर्मा खुद मौके पर पहुंचे। उन्होंने दरी पर बैठकर समाज के लोगों की बात सुनी और ज्ञापन लिया। अखिल भारतीय रोड़ महासभा के प्रधान बलकार सिंह ने कहा कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानी तो 30 अगस्त को प्रदेश भर के समाज के लोग तरावड़ी में एकत्रित होंगे और सीएम का घेराव किया जाएगा। डीसी ने मांगपत्र सरकार तक भेजने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही समाज के लोग धरने से उठे।


क्राइम ब्रांच की जांच से संतुष्ट नहीं

अखिल भारतीय रोड़ महासभा के प्रधान बलकार सिंह और प्रवक्ता एडवोकेट जितेंद्र चौपड़ा ने कहा कि 18 अगस्त को सरकार ने स्टेट क्राइम ब्रांच को मुठभेड़ की जांच सौंपी है। समाज के लोग इससे संतुष्ट नहीं है। जांच या तो सीबीआई को सौंपी जाए या फिर उच्च न्यायालय के मौजूदा जज की निगरानी में कराई जाए। इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं है।



यह है पूरा मामला



हत्या और मुठभेड़
पांच अगस्त को हांसी रोड पर बीरू वाल्मीकि (25) की गोली मारकर हत्या की गई। इसकी प्राथमिकी में सात लोग नामजद कराए गए। छह अगस्त को वाल्मीकि समाज के लोग सड़क पर उतरे। विधायक जगमोहन ने आश्वासन दिया कि 10 घंटे में पुलिस ठोस कार्रवाई करेगी। छह अगस्त की रात ही पुलिस ने हर्ष और बीरबल के मुठभेड़ में मारे जाने का दावा किया। दोनों को बीरू की हत्या में शामिल बताया।

सवाल और जांच
सात अगस्त को रोड़ समाज के लोगों ने मुठभेड़ को फर्जी बताया। उनका सवाल है कि दोनों नामजद नहीं थे तो पुलिस कैसे हत्या में शामिल बता रही है। हर्ष रोड़ समाज से था। समाज के लोग मुठभेड़ की न्यायिक जांच की मांग कर रहे हैं। तीन बार पंचायत हो चुकी है। सीएम नायब सिंह सैनी से भी मुलाकात कर चुके हैं। 17 अगस्त को सरकार ने स्टेट क्राइम ब्रांच को जांच सौंप दी।
पंचायत और मांग

समाज के लोग स्टेट क्राइम ब्रांच को जांच सौंपे जाने से संतुष्ट नहीं है। वाल्मीकि समाज के लोग भी पंचायत कर कह चुके हैं कि अगर हर्ष और बीरबल के बीरू हत्याकांड में शामिल होने के साक्ष्य पुलिस के पास हैं तो इन्हें सार्वजनिक किया जाए। पुलिस अफसरों ने इस पर चुप्पी साध रखी है। हालांकि, मुठभेड़ के बाद आईजी अशोक कुमार ने कहा था कि हर्ष और बीरबल ने पुलिस पर गोली चलाई। दोनों जवाबी फायरिंग में मारे गए।
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रोड़ धर्मशाला से रोष प्रदर्शन निकालते रोड़ समाज के लोग। संवाद

रोड़ धर्मशाला से रोष प्रदर्शन निकालते रोड़ समाज के लोग। संवाद

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