कुरुक्षेत्र में गुरुनानक पब्लिक स्कूल के दो छात्र वीरवार को मिर्जापुर के पास भाखड़ा नहर में डूब गए। देर शाम नहर के किनारे छात्रों की बाइक, कपड़े और अन्य सामान देखने के बाद लोगों ने इसकी सूचना पुलिस दी।
जिसके बाद संबंधित थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। गांव के दो लोगों के अनुसार दोनों छात्रों को दोपहर के समय नहर किनारे देखा गया था।
हालांकि घटना कैसे हुई, इस बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है। समाचार लिखे जाने तक दोनों की तलाश जारी थी। डूबने वाले छात्रों की पहचान सेक्टर-7 निवासी गौरव पुत्र सूबेदार चंद्रभान सिंह और पटियाला बैंक कॉलोनी विजय पुत्र राजपाल के रूप में हुई। गौरव गुरुनानक पब्लिक स्कूल में बारहवीं और विजय ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ता था।
जानकारी के अनुसार देर शाम लोगों ने नहर के किनारे दोनों छात्रों के कपड़े और अन्य सामान देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों छात्रों के बैग और मोबाइल की जांच तो पता चला कि दोनों गुरुनानक पब्लिक स्कूल के छात्र हैं।
इसी आधार पर पुलिस ने उनके परिजनों से संपर्क किया। घटनाक्रम के पीछे क्या कारण रहे, इसका खुलासा भी अभी तक नहीं हुआ है।
हालांकि मौके पर पहुंची गौरव की मां बिमला ने बताया कि उनका बेटा वीरवार को स्कूल नहीं गया था। मौके पर केयू थाना के एसएचओ नरेंद्र कुमार और डीएसपी निर्मल सिंह भी पहुंचे।
दोपहर साढ़े बारह बजे नहर पर देखे गए थे
गांव मिर्जापुर वासी प्रत्यक्षदर्शी नीरज और विशाल के मुताबिक उन्होंने दोनों छात्रों को करीब साढ़े 12 बजे नहर के किनारे पर देखा था। उस समय उन्हें लगा कि दोनों नहाने की तैयारी में है, लेकिन देर शाम जब इनकी बाइक और कपड़े मौके पर पड़े देखे तो उन्होंने इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम के दी।
वहीं भाखड़ा नहर के किनारे से पुलिस को गौरव की बाइक बरामद हुई है। इस बाइक की पहचान गौरव के चाचा हरियाणा पुलिस के सहायक उप निरीक्षक लाभ सिंह ने की। इसके अलावा घटनास्थल से दोनों की स्कूल की वर्दी, जूते, स्कूल बैग, गौरव का मोबाइल हुआ है।
खाली लंच बाक्स मिला
पुलिस ने जब मौके से मिले विजय के बैग के तलाशी ली तो इसमें अन्य सामान के साथ लंच बाक्स भी मिला है। पुलिस के मुताबिक यह लंच बाक्स खाली था। जाहिर होता है कि दोनों ने दोपरह का भोजन किया था।
गौरव के पिता वीरवार को ही ड्यूटी के लिए लौटे थे
गौरव के पिता सूबेदार चंद्रभान सिंह पिछले कुछ दिन से छुट्टी पर घर आए थे और वीरवार को ही ड्यूटी पर लौट गए। देर शाम तक जहां गौरव की माता बिमला रानी और चाचा एएसआई लाभ सिंह मौके पर पहुंच चुके थे। वहीं समाचार लिखे जाने तक विजय केपरिवार का कोई सदस्य मौके पर नहीं पहुंचा था।