जिले में शुक्रवार को कोरोना से दो और मरीजों की मौत हो गई। इनमें एक नीलोखड़ी की किसान बस्ती निवासी 57 वर्षीय महिला है, जो कि पहले से फेफड़ों की बीमारी और शुगर की मरीज थी। जबकि दूसरा सेक्टर-13 निवासी एक 45 वर्षीय व्यक्ति था, जो शुगर का मरीज बताया जा रहा है और सांस लेने में दिक्कत के कारण शुक्रवार की सुबह उसे मेडिकल कालेज लाया गया था। रात करीब नौ बजे उसकी मौत हो गयी। इसके अलावा करनाल में छह अन्य नये केस भी सामने आये हैं।
नीलोखेड़ी निवासी महिला को वीरवार की रात में परिजन गंभीर हालत में सरकारी अस्पताल लेकर आए थे। वहां से उसे कल्पना चावला मेडिकल कालेज रेफर कर दिया गया। इसके बाद पहले सैंपल लिया गया बाद में इलाज शुरू किया लेकिन महिला की तबियत बिगड़ती गई और शुक्रवार की सुबह उसकी मौत हो गई। उसकी कोरोना रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है। वहीं सेक्टर-13 निवासी व्यक्ति को शुक्रवार की सुबह सांस की दिक्कत होने पर मेडिकल कालेज के आईसीयू में भर्ती कराया गया था, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। अब जिले में कोरोना से मौत का आंकड़ा छह तक पहुंच गया है। इसके अलावा बीते रोज कोरोना से जान गंवाने वाले व्यक्ति के परिजनों में तीन कोरोना पाजिटिव मिले हैं, जो सेक्टर-13 निवासी हैं। इनमें मृतक की पत्नी, बेटा और अन्य सदस्य शामिल हैं। इसके अलावा निसिंग के गांव औगंद निवासी एक नौ सेना का जवान और एक किन्नर भी संक्रमित हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी मरीजों को कल्पना चावला मेडिकल कालेज में दाखिल करा दिया है। साथ ही पॉजिटिव के संपर्क में आने वाले उनके परिजनों को भी क्वारंटीन कर सैंपल लिये जा रहे हैं। शुक्रवार को आए 8 केस में से 2 जाणी रोड जुंडला गली नंबर 3 से हैं। इनमें से एक 25 साल का युवक खरखौदा सोनीपत से आया है और वहां फैक्ट्री में काम करता है। दूसरा 30 वर्षीय किन्नर भी संक्रमित है। वह मुंबई से लौटा है। एक केस किसान बस्ती नीलोखेड़ी से संबंधित है महिला है, जिसकी शुक्रवार को मृत्यु हो गई है।
11 और ने कोरोना को हराया, 91 एक्टिव केस
सिविल सर्जन की रिपोर्ट के अनुसार जिले में अब तक कोरोना से संदिग्ध 16853 व्यक्तियों के सैम्पल लिए गए इनमें से 16293 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है और 269 मामले पॉजिटिव है, जिनमें से 5 की मौत हो गई है, 91 एक्टिव हैं और 173 मरीज ठीक होकर घर चले गए हैं। शुक्रवार को ठीक होकर घर जाने वाले 11 मरीजों ने कोरोना को हराया। सिविल सर्जन डॉ. अश्विनी आहुजा ने बताया कि जिले में अब तक विदेश से आए यात्रियों की संख्या 1173 है, जिनमें से 1081 व्यक्ति 28 दिन या इससे अधिक दिनों का सर्विलांस समय पूरा कर चुके हैं।
अब तक जान गंवाने वाले किसी न किसी बीमारी से ग्रस्त थे
जिले में कोरोना से 6 लोगों की मौत हो चुकी है। जांच में सामने आया है कि मरने वाले छह लोग पहले से किसी न किसी बीमारी से पीड़ित थे। इनमें से बीपी, शुगर और किडनी से संबंधित बीमारी थी, जो पहले से इलाज करा रहे थे। सबसे पहले 3 अप्रैल को गांव रसीन निवासी एक किसान की मौत हुई थी। वह भी पहले से बीमार थे। दूसरी मौत कर्ण विहार निवासी 45 वर्षीय व्यक्ति की हुई। वह एल्कोहेलिक थे। तीसरे बसताड़ा निवासी 67 वर्षीय बुजुर्ग थे, जिनको पहले से ही सांस लेने में दिक्कत थी। इसके अलावा, सेक्टर-13 निवासी 65 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हुई। यह भी बीपी और शुगर के मरीज थे।