करनाल। तिनका तिनका फाउंडेशन की ओर से मानवाधिकार दिवस के लिए तिनका तिनका अवार्ड विजेताओं की सूची जारी कर दी है। जेल के बंदियों और कर्मचारियों के लिए विशेष पुरस्कारों और उत्सव का यह 7वां साल है। जिसमें करनाल की झोली में भी दो पदक आए हैं। इनमें एक बंदिनी पुरस्कार है तो दूसरा पेंटिंग की श्रेणी में सांत्वना पुरस्कार मिला है। इन्हें 9 दिसंबर को यह पुरस्कार सौंपा जाएगा।
देश में दो बंदियों को तिनका तिनका बंदिनी पुरस्कार दिया जा रहा है। इनमें से एक जिला जेल से 39 वर्षीय सोनिया चौधरी हैं। इन्हें यह पुरस्कार जेल रेडियो के संचालन, तिनका तिनका जेल रिसर्च सेल के जरिये जेल के टेलीफोन और जेल रेडियो पर शोध, जेल की जिंदगी को रंगों और साहित्य के जरिए सहजने के लिए मिल रहा है। वे जेल में 21 साल गुजार चुकी हैं। 2004 में उनकी फांसी की सजा को अंतिम सांस तक कारावास में तब्दील कर दिया गया था। उन्होंने जेल में अपने काम से साथी महिला बंदियों को हौसला दिया है। इसके अलावा पेंटिंग श्रेणी में जिला जेल के उत्तम आनंद (44) को सांत्वना पुरस्कार मिला है। इन पुरस्कारों की शुरुआत सात साल पहले जेल सुधारक वर्तिका नंदा ने की थी। इस साल पेंटिंग, विशेष उल्लेख और जेल प्रशासन श्रेणी में पुरस्कार दिए जा रहे हैं।