संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। एशिया की प्रमुख अनाज मंडी चीका में गेहूं सीजन शुरू होते ही सफाई व्यवस्था की पोल खुल गई है। मार्केट कमेटी और प्रशासन के दावों के विपरीत अतिरिक्त अनाज मंडी में जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे हुए हैं।
मंडी परिसर में विशेष रूप से पक्षियों की बीट (मल) के अंबार जमा हैं, जिससे न केवल बदबू फैल रही है, बल्कि किसानों, व्यापारियों और आमजन को आवागमन में भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंडी में फैली गंदगी को लेकर व्यापारियों और आढ़तियों में रोष है। बीरा राम, सुरेश कुमार, अनिल कुमार और गुरनेक सिंह सहित सैकड़ों व्यापारियों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि एक ओर मार्केट कमेटी सफाई के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी ओर मंडी की स्थिति इन दावों की सच्चाई उजागर कर रही है।
व्यापारियों ने बताया कि पहले ही अतिरिक्त अनाज मंडी में जगह की कमी है और अब गंदगी के कारण स्थिति और भी खराब हो गई है।
आढ़तियों का कहना है कि मंडी किसानों और उनकी फसल के लिए बनाई गई है, लेकिन यहां गंदगी के चलते फसल उतारना भी मुश्किल हो रहा है।
किसानों ने जताई नाराजगी, जल्द सफाई की मांग
किसान दलबीर सिंह, रोहतास, शमशेर सिंह और अवतार सिंह ने भी प्रशासन के प्रति नाराजगी जताई। उनका कहना है कि प्रशासन किसानों के लिए नए-नए नियम तो बना रहा है, लेकिन मंडी की सफाई जैसी बुनियादी समस्या की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कूड़ा-कचरा और पक्षियों की
बीट नहीं हटाई गई, तो गेहूं की आवक प्रभावित हो सकती है और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। किसानों और व्यापारियों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द मंडी में साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके।